मानसून में खिल उठेगा आपका गार्डन! बारिश के मौसम में लगाएं ये 5 खूबसूरत फूल, घर रहेगा रंगों और खुशबू से भरपूर

नई दिल्ली: बारिश का मौसम बागवानी के शौकीनों के लिए सबसे बेहतरीन समय माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होने के कारण पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं और उनकी वृद्धि भी अच्छी होती है। यदि आप अपने घर, बालकनी, छत या गार्डन को रंग-बिरंगे फूलों और प्राकृतिक खुशबू से सजाना चाहते हैं, तो मानसून में कुछ खास फूलों के पौधे लगा सकते हैं। सही देखभाल के साथ ये पौधे तेजी से बढ़ते हैं और लंबे समय तक फूल देते हैं।
मोगरा से महकेगा पूरा घर
मोगरे का पौधा मानसून में तेजी से बढ़ता है। इसकी मनमोहक खुशबू घर के वातावरण को ताजगी से भर देती है। यदि पौधे को रोजाना कुछ घंटे धूप मिले, तो कुछ ही समय में इसमें सफेद और सुगंधित फूल आने लगते हैं।
चमेली देगी प्राकृतिक खुशबू
बारिश के मौसम में चमेली का पौधा भी अच्छी तरह विकसित होता है। शाम के समय इसकी खुशबू पूरे घर को महका देती है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में पानी और हल्की धूप मिलने पर यह लंबे समय तक फूल देता रहता है।
गुड़हल से बढ़ेगी बगीचे की खूबसूरती
अगर आपको बड़े और आकर्षक फूल पसंद हैं, तो मानसून में गुड़हल लगाना अच्छा विकल्प हो सकता है। लाल, पीले, गुलाबी और नारंगी रंग के गुड़हल के फूल इस मौसम में तेजी से खिलते हैं। बेहतर वृद्धि के लिए पौधे को पर्याप्त धूप और जरूरत के अनुसार पानी दें।
गेंदा है कम देखभाल वाला पौधा
गेंदा ऐसा पौधा है जिसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। बारिश के मौसम में इसकी बढ़वार तेज होती है और इसके चमकीले फूल बगीचे की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। शुरुआती बागवानी करने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प माना जाता है।
सदाबहार पूरे साल देता है फूल
सदाबहार का पौधा लगभग पूरे वर्ष फूल देता है, लेकिन मानसून में इसकी बढ़वार और भी बेहतर हो जाती है। इसे गमले और जमीन दोनों जगह आसानी से लगाया जा सकता है, जिससे यह घर और गार्डन की शोभा बढ़ाता है।
पौधे लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान
मानसून में पौधे लगाते समय यह सुनिश्चित करें कि गमले में पानी जमा न हो। हमेशा ऐसे गमले का इस्तेमाल करें जिसमें पानी की निकासी की उचित व्यवस्था हो। समय-समय पर सूखी पत्तियों को हटाएं और पौधों में खाद डालते रहें। यदि लगातार बारिश हो रही हो, तो जड़ों के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि इससे पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं।



