
घटना वाले दिन दीपक घर में ही बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी का फोन आया और उसके बाद पति-पत्नी में लड़ाई हो गई।
वर्ष 2014 के बहुचर्चित मामले अलका हत्याकांड में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुना दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार शर्मा की अदालत ने सुबूतों के आधार पर अलका की हत्या करने वाले उसके पति दीपक खुल्लर को उम्रकैद व 15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस अदालत में यह साबित करने में सफल रही कि कारोबारी दीपक ने लाइसेंसी रिवाल्वर से पत्नी अलका को नौ गोली मारी थी।
पालम विहार में रहने वाला दीपक प्रॉपर्टी के साथ-साथ कई कारोबार से जुड़ा था। शादी के 22 साल तक तो उसकी पत्नी के साथ खूब पटी, बाद में दीपक की आदत खराब हो गई। वह दिन में भी शराब में धुत रहने के साथ-साथ ऐसे काम करने लगा था, जिसका अलका (50) उसका विरोध करती थी।




