इंदौर में किसान का अपहरण, 20 लाख की फिरौती मांगने वाले बदमाश ग्रामीणों को देखकर भागे

इंदौर। जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में किसान के अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क कर फिरौती की मांग की, जिसके बाद गांव के बड़ी संख्या में लोग रकम लेकर बताए गए स्थान पर पहुंच गए। ग्रामीणों के हाथों में हथियार और पुलिस की मौजूदगी देखकर बदमाश फिरौती लेने नहीं आए। बाद में उन्होंने किसान को छोड़ दिया और फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, पंथ बड़ोदिया गांव निवासी 38 वर्षीय हुकुमसिंह सोलंकी शनिवार रात करीब 9 बजे खेत जाने की बात कहकर घर से निकले थे। कुछ समय बाद उनके परिजनों और ग्रामीणों के पास व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें हुकुमसिंह के अपहरण की जानकारी देते हुए 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को खबर दी और गांव के लोगों की मदद से फिरौती की रकम की व्यवस्था की। इस दौरान अपहरणकर्ता लगातार व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क में रहे और हुकुमसिंह की तस्वीरें भी भेजते रहे। उन्होंने नौगांव क्षेत्र के पास रकम लेकर पहुंचने के निर्देश दिए।
निर्धारित स्थान पर परिजन, ग्रामीण और कुछ पुलिसकर्मी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कई ग्रामीण अपने साथ हथियार भी लेकर गए थे। यह देखकर अपहरणकर्ताओं ने दोबारा फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस तथा हथियारों के साथ आने से उन्होंने समझौते की शर्त तोड़ी है। इसके बाद बदमाश किसान को कार में बैठाकर वहां से फरार हो गए।
रातभर परिजन किसी सूचना का इंतजार करते रहे, लेकिन अपहरणकर्ताओं की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया। रविवार सुबह हुकुमसिंह पलासिया गांव के पास हाथ-पैर बंधे हुए मिले। ग्रामीण उन्हें घर लेकर आए।
परिजनों के अनुसार, किसान नशे की हालत में था। आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने उसे लगातार शराब पिलाई ताकि वह विरोध न कर सके। होश में आने के बाद हुकुमसिंह ने बताया कि अपहरण में आठ से अधिक लोग शामिल थे।
हाईवे मुआवजे से जुड़ा हो सकता है मामला
हुकुमसिंह क्षेत्र के बड़े किसानों में गिने जाते हैं और उनके पास लगभग 40 एकड़ कृषि भूमि है। हाल ही में हाईवे निर्माण के लिए उनकी करीब 9 एकड़ जमीन अधिग्रहित हुई थी, जिसके बदले उन्हें मुआवजा मिला था। पुलिस को आशंका है कि इसी रकम की जानकारी मिलने के बाद बदमाशों ने अपहरण की साजिश रची।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं अपहरणकर्ताओं को किसान की आर्थिक स्थिति और मुआवजे की जानकारी किसी स्थानीय व्यक्ति ने तो नहीं दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।



