राज्यपाल ने सरकार से पूछा, पीलिया नियंत्रण के लिए अब तक क्या किया

राजधानी में पीलिया के बढ़ते मरीजों की संख्या पर हाईकोर्ट के बाद अब राजभवन भी सख्त हो गया है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राज्य सरकार से अब तक पीलिया को नियंत्रित करने के संबंध में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पीलिया मरीजों के लिए की गई स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था और अश्विनी खड्ड में सीवरेज का पानी गिरने के संबंध में हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
राजभवन के एक बार फिर सक्रिय होने के बाद राज्य सरकार और आईपीएच डिपार्टमेंट की परेशानियां बढ़ सकती हैं। पिछले दिनों शिमला के लोगों को सीवरेज युक्त पानी पिलाने का मामला सामने आया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि शहर को पानी की सप्लाई जिस अश्विनी खड्ड से हो रही थी उसमें सीवरेज का पानी मिल रहा था। सीवरेज युक्त पानी सप्लाई होने की वजह से शहर में करीब तीन सौ से ज्यादा लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे।
शिमला में फैल रहे पीलिया की समाचार पत्रों में छपी खबरों का हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सख्त नाराजगी जताई थी। साथ ही राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत शर्मा को जरूरी सुझाव देने को कहा था।
लेकिन इस बीच हाईकोर्ट में शीतकालीन छुट्टियां हो गई। इसके बाद राज्य सरकार ने थोड़ी राहत जरूर महसूस की। लेकिन हाईकोर्ट की छुट्टियों के बीच राजभवन के एक्टिव होने की वजह से राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।



