देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 5 मजदूरों की मौत, ‘धूल का काम’ कहकर बिहार से बुलाए गए थे श्रमिक

देवास : मध्य प्रदेश के देवास जिले में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित टोंककला इलाके की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुए धमाके के बाद पूरी फैक्ट्री मलबे में तब्दील हो गई। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की छत उड़ गई और घटनास्थल पर मानव अंग बिखरे पड़े मिले। हादसे में अब तक पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन देर रात अमलतास अस्पताल में भर्ती दो अन्य मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। दोनों करीब 99 प्रतिशत तक झुलस चुके थे। अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
‘धूल का काम’ बताकर कराया जा रहा था बारूद का काम
हादसे में बच गए बिहार के मजदूर नवीन कुमार ने दर्दनाक खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मजदूरों को 14 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर यह कहकर बुलाया गया था कि उन्हें केवल धूल से जुड़ा सामान्य काम करना होगा, लेकिन बाद में उन्हें बारूद के साथ बेहद छोटे कमरों में काम करने के लिए मजबूर किया गया।
नवीन ने बताया कि धमाके के बाद चारों तरफ धुआं और आग फैल गई। उन्होंने किसी तरह अपने भाई निरंजन को जलती हालत में बाहर निकाला। मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री में आग बुझाने तक का कोई इंतजाम नहीं था।
भीषण गर्मी बनी हादसे की वजह?
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी के कारण बारूद में विस्फोट हुआ हो सकता है। मजदूरों का कहना है कि भीषण गर्मी के बावजूद बारूद वाले कमरों में पानी का छिड़काव नहीं किया गया था।
देवास सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय तेज गर्मी और हीट वेव की चपेट में है। अब केंद्रीय संगठन पीईएसओ और फोरेंसिक टीम तकनीकी जांच कर रही हैं कि क्या तापमान बढ़ने के कारण स्वतः विस्फोट हुआ।
फैक्ट्री संचालक पर NSA, चार आरोपियों के खिलाफ केस
जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट में लाइसेंस शर्तों के गंभीर उल्लंघन की बात सामने आई है।
टोंकखुर्द थाना पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि रिहायशी इलाके के पास इतनी खतरनाक फैक्ट्री को संचालन की अनुमति कैसे मिली।
लाइसेंस को लेकर उठे सवाल
जांच में पता चला है कि फैक्ट्री के लिए दिसंबर 2025 तक वैध दो लाइसेंस जारी किए गए थे, जिनका हाल ही में 6 मई को नवीनीकरण भी हुआ था। हादसे के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
CM मोहन यादव ने घायलों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली दौरे से सीधे इंदौर पहुंचे और अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे पहले चोइथराम अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री एमवाय अस्पताल भी पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से बातचीत की और अधिकारियों को समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सभी घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘बारूद माफिया’ को संरक्षण दिया जा रहा है और अवैध तरीके से कृषि गोदामों में पटाखों का भंडारण किया जा रहा था।
उन्होंने कलेक्टर को निलंबित करने की मांग भी उठाई और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।



