मुजफ्फरनगर में ‘फर्जी ट्रांसपोर्ट अफसर’ बनकर हाईवे पर वसूली, 8 आरोपी गिरफ्तार; ‘भारत सरकार’ लिखी कार और 52 हजार कैश बरामद

मुजफ्फरनगर में पुलिस ने हाईवे पर खुद को भारत सरकार के परिवहन विभाग का अधिकारी बताकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। नगर कोतवाली पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 52 हजार रुपये नकद, सैकड़ों फर्जी वसूली पर्चियां और ‘भारत सरकार’ लिखी एक अर्टिगा कार बरामद की गई है।
रोहाना टोल प्लाजा के पास चल रही थी अवैध वसूली
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात सूचना मिली कि सहारनपुर–मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर रोहाना टोल प्लाजा के पास कुछ लोग वाहनों को रोककर सेफ्टी रिफ्लेक्टर लगाने के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं। सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से धीरेंद्र, शिवदीप त्यागी, गुलवीर राणा, मंगेशपाल, वरुण खोखर, विजय कुमार, गौरव कुमार और अनुज कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से करीब 52 हजार रुपये की नगदी, लगभग 100 के आसपास कूटरचित पर्चियां और एक अर्टिगा कार बरामद हुई है, जिस पर आगे-पीछे ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था।
एसपी सिटी ने किया खुलासा
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बॉर्डर के पास वाहनों को रोककर अवैध वसूली की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई। पुलिस दबिश के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग जिलों—दिल्ली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद और हापुड़—के निवासी हैं।
वरुण खोखर गिरोह का सरगना
पुलिस जांच में वरुण खोखर को गिरोह का मुख्य अभियुक्त बताया गया है। आरोप है कि यह अपने साथियों के साथ मिलकर हाईवे से गुजरने वाले छोटे-बड़े सभी तरह के वाहनों को रोकता था और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर 100, 200 और 400 रुपये की पर्चियों के जरिए वसूली करता था। रोड सेफ्टी के नाम पर तैयार की गई ये पर्चियां पूरी तरह फर्जी पाई गई हैं।
अन्य जिलों में भी फैला था नेटवर्क
अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे मुजफ्फरनगर के अलावा अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संबंधित जिलों को भी सूचना दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
‘भारत सरकार’ लिखकर लोगों को करते थे गुमराह
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जिस अर्टिगा कार का इस्तेमाल किया, वह टैक्सी के रूप में रजिस्टर्ड है। लेकिन लोगों को भ्रमित करने के लिए उस पर ‘भारत सरकार’ लिखवा रखा था। इसी पहचान के आधार पर वे खुद को परिवहन विभाग का अधिकारी बताकर वाहनों को रोकते और अवैध वसूली करते थे।



