भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप पर बड़ी कार्रवाई, यूनिवर्सल हॉस्पिटल की सोनोग्राफी मशीनें सील; सीएचएल अस्पताल पर भी गिरी गाज

इंदौर: जिले में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए योजना क्रमांक-54 स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल एंड केयर सेंटर की सभी सोनोग्राफी मशीनों को सील कर दिया है। अस्पताल पर भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। वहीं दूसरी ओर केयर सीएचएल अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद उसे नोटिस जारी किया गया है और उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि केयर सीएचएल अस्पताल के निरीक्षण के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया गया है। जांच के दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों और दस्तावेजों में कई त्रुटियां पाई गईं।
रिपोर्ट के अनुसार ओपीडी विभाग, आकस्मिक चिकित्सा विभाग, फार्मेसी, कार्डियक एवं न्यूरो सर्जरी आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल रिकॉर्ड विभाग, पीसीपीएनडीटी अनुभाग, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, मुख्य प्रवेश द्वार और भवन रखरखाव से जुड़े दस्तावेजों में कमियां सामने आई हैं। इन अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अस्पताल को एक कैलेंडर माह के लिए पंजीयन निरस्तीकरण की सूचना जारी की गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर यूनिवर्सल हॉस्पिटल में कार्रवाई
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को विशेष जांच दल ने यूनिवर्सल हॉस्पिटल एंड केयर सेंटर में निरीक्षण किया। जांच दल में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना भटनागर और पीसीपीएनडीटी टीम की सदस्य दीपमाला बमने शामिल थीं।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मौजूद सभी सोनोग्राफी मशीनों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही अस्पताल के पीसीपीएनडीटी प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान टीम ने पंचनामा तैयार कर पूरे मामले का दस्तावेजीकरण किया।
दो चिकित्सकों को नोटिस जारी करने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने अपंजीकृत चिकित्सकों के रूप में चिन्हित किए गए डॉ. अर्पित जैन और डॉ. सचिन भटेले को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पीसीपीएनडीटी कानून के तहत सख्ती
जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक लगाने और पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी अस्पताल, केंद्र या चिकित्सक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है और यदि आगे भी गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ अतिरिक्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।



