मोहन सरकार में बड़ा बदलाव तय! जून के अंत तक कैबिनेट विस्तार की तैयारी, कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में जल्द ही बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार जून के अंत तक राज्य मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल और विस्तार की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि मौजूदा कैबिनेट के 5 से 6 मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, जबकि 7 से 8 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। दिसंबर 2023 में सरकार गठन के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट पुनर्गठन होगा।
वर्तमान में मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित मंत्रिपरिषद में कुल 31 सदस्य हैं। माना जा रहा है कि आगामी फेरबदल के जरिए सरकार संगठनात्मक और राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से संतुलित करने का प्रयास करेगी।
दिल्ली बैठकों में बनी नई कैबिनेट की रूपरेखा
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कई बार दिल्ली का दौरा किया है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। सूत्रों के मुताबिक इन बैठकों में मंत्रिमंडल के संभावित नए स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई है।
बताया जा रहा है कि 19 मई को जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दिल्ली में भी अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी चर्चा की है। सूत्रों का दावा है कि 20 से 30 जून के बीच कभी भी मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और इसके तुरंत बाद नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है।
कैलाश विजयवर्गीय को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
संभावित फेरबदल के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। वहीं वरिष्ठ नेता प्रह्लाद सिंह को संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके कैलाश विजयवर्गीय को विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी गिना जा रहा था। हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व ने मोहन यादव को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में अब उनके भविष्य की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
इन मंत्रियों पर भी लटक सकती है तलवार
सूत्रों के अनुसार जिन मंत्रियों के नाम बदलाव की चर्चाओं में सबसे प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, उनमें विजय शाह का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए उनके विवादित बयान के बाद पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों ने भी राजनीतिक दबाव बढ़ाया है।
इसके अलावा पंचायती राज राज्य मंत्री राधा सिंह, शहरी प्रबंधन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी और वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के नाम भी संभावित बदलाव की चर्चाओं में शामिल बताए जा रहे हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल विस्तार में कई नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। सागर जिले से आने वाले विधायकों शैलेंद्र जैन और प्रदीप लारिया में से किसी एक को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की चर्चा है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले प्रमुराम चौधरी का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है।
पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह की वापसी की भी संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही पार्टी युवा नेतृत्व, महिला प्रतिनिधित्व और आदिवासी वर्ग को साधने के लिए कुछ नए चेहरों को मौका दे सकती है।
विभागों में भी हो सकता है बड़ा फेरबदल
सूत्रों का कहना है कि बदलाव केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों से मौजूदा विभाग वापस लेकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पिछले कुछ महीनों में मंत्रियों के कामकाज और विभागीय प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल में बदलाव और विभागों के पुनर्वितरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है।



