उत्तर प्रदेशराज्य

रामजन्मभूमि परिसर के हनुमान मंदिर पर फहराई धर्म ध्वजा, विनय कटियार ने किया ध्वजारोहण

अयोध्या। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर रामजन्मभूमि परिसर में स्थित हनुमान मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा विधिवत रूप से फहरा दी गई। यह आयोजन परकोटे की दक्षिणी भुजा के मध्य निर्मित हनुमान मंदिर में सम्पन्न हुआ, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया।

पूर्व सांसद विनय कटियार के हाथों संपन्न हुआ ध्वजारोहण

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व सांसद विनय कटियार ने धर्म ध्वजा फहराई। कार्यक्रम में महाराष्ट्र भाजपा के सह प्रभारी जयभान सिंह पवैया सहित करीब डेढ़ सौ साधु-संत, ट्रस्ट पदाधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

पंचामृत अभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चढ़ी ध्वजा

गुरुवार सुबह मंदिर में विराजमान बजरंग बली का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। अर्चकों ने पंचामृत से अभिषेक कर भगवान को नवीन वस्त्र अर्पित किए। इसके बाद प्रातः लगभग 11 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और ध्वज पूजन के साथ मंदिर के लगभग 75 फीट ऊंचे शिखर पर डोरी खींचकर धर्म ध्वजा फहराई गई।

अन्य मंदिरों पर ध्वजारोहण अभी शेष

हनुमान मंदिर पर फहराई गई यह ध्वजा लाल रंग की है, जो हनुमान जी का प्रतीक मानी जाती है। वहीं, परकोटे में बने मां दुर्गा, भगवान शंकर और भगवान गणेश के मंदिरों तथा परिसर के बाहर स्थित शेषावतार मंदिर पर अभी ध्वजारोहण होना बाकी है। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र के अनुसार इन सभी मंदिरों पर क्रमवार सनातन पताका फहराई जाएगी और इसके लिए शीघ्र ही संक्षिप्त आयोजन किए जाएंगे।

दर्शन के लिए खोला गया मंदिर, आम श्रद्धालुओं की एंट्री सीमित

ध्वजारोहण के बाद हनुमान मंदिर को पूरे दिन के लिए खुला रखा गया, जिससे आमंत्रित अतिथियों, ट्रस्ट से जुड़े कर्मियों और सुरक्षा में तैनात जवानों को दर्शन का अवसर मिल सके। हालांकि, राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे आम श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों से हनुमान मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद से नियमित पूजन, दर्शन अभी भी सीमित

गौरतलब है कि इस हनुमान मंदिर में बजरंग बली की प्रतिमा पिछले वर्ष 5 जून को प्रतिष्ठित की गई थी। उस समय आयोजित सामूहिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरक मंदिरों और राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। तब से इन मंदिरों में नियमित रूप से पूजन-अर्चन जारी है, लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अभी भी शुरू नहीं किए गए हैं। विशेष अवसरों या विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर ही सीमित रूप से दर्शन कराए जाते हैं।

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