
एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसान रजिस्ट्री अनिवार्य, लखनऊ में 32 हजार किसान फंसे, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी सरकारी खरीद
उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसान रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। बिना पंजीकरण वाले किसानों से सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं की जाएगी। इस फैसले का असर राजधानी लखनऊ में साफ दिख रहा है, जहां हजारों किसान अब भी रजिस्ट्री पूरी न होने के कारण मुश्किल में हैं।
मुख्य सचिव के आदेश के बाद सख्ती
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने खाद्य एवं रसद और कृषि विभाग को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एमएसपी पर होने वाली सभी खरीद में किसान पहचान पत्र अनिवार्य होगा। यानी अब केवल उन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
लखनऊ में 32 हजार से ज्यादा किसान अभी भी बाहर
राजधानी में कुल 2,04,287 किसानों में से अब तक 1,72,000 किसानों ने अपनी रजिस्ट्री पूरी कर ली है, जबकि 32,287 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे में इन किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने और एमएसपी का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
विभाग चला रहा अभियान, फिर भी पीछे रह गए किसान
जिला कृषि अधिकारी टीबी सिंह के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। विभाग की ओर से लगातार कैंप लगाकर और गांव-गांव जाकर किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।
तकनीकी दिक्कतें और जानकारी की कमी बनी वजह
किसानों का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के दौरान बार-बार सर्वर डाउन होने और सही जानकारी के अभाव में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरोजनीनगर के किसान रामनरेश यादव ने बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे वे एमएसपी का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं।
मौसम की मार से फसलें भी प्रभावित
इधर मौसम में अचानक बदलाव और असमय बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। जिला कृषि अधिकारी ने मोहनलालगंज और गोसाईगंज समेत कई इलाकों का दौरा कर खेतों की स्थिति का जायजा लिया।
किसानों को दिए गए जरूरी सुझाव
निरीक्षण के दौरान किसानों से बातचीत में सामने आया कि तेज हवाओं और बारिश से गेहूं और सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और जरूरत के अनुसार कीटनाशकों का उपयोग करें, ताकि फसल को और नुकसान से बचाया जा सके।



