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हरियाणा में बदलेगा मौसम, गेहूं की फसल पर असर; किसानों ने तेज की कटाई, पैदावार घटने के संकेत

हरियाणा के सिरसा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। संभावित बारिश और खराब मौसम के खतरे को देखते हुए किसानों ने गेहूं की कटाई का काम तेज कर दिया है। आमतौर पर बैसाखी के बाद शुरू होने वाली कटाई इस बार पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

परिवार और मजदूरों के साथ खेतों में जुटे किसान

रोड़ी और आसपास के गांवों में किसान अपने परिवार के साथ खेतों में नजर आ रहे हैं। कई किसान मजदूरों की मदद से तेजी से कटाई करवा रहे हैं, ताकि समय रहते फसल सुरक्षित निकाली जा सके। मौसम की अनिश्चितता ने किसानों को अतिरिक्त सतर्क बना दिया है।

कंबाइन और हाथ से कटाई दोनों का सहारा

क्षेत्र में जहां बड़े किसान कंबाइन मशीनों के जरिए कटाई और निकासी करवा रहे हैं, वहीं कई छोटे किसान अब भी पारंपरिक तरीके से हाथों से गेहूं काट रहे हैं। हाथ से कटाई करने वाले किसान बाद में थ्रेसर के जरिए गेहूं निकालते हैं, जिससे पशुओं के लिए तूड़ा भी उपलब्ध हो जाता है।

मजदूरों की कमी से बढ़ी लागत

किसानों का कहना है कि कटाई के सीजन में मजदूरों की भारी कमी हो जाती है। समय पर मजदूर नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरन कंबाइन का सहारा लेना पड़ता है। वहीं मजदूरी दर में बढ़ोतरी ने लागत और बढ़ा दी है, जिससे गेहूं की कटाई महंगी साबित हो रही है।

खराब मौसम से फसल की गुणवत्ता प्रभावित

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से गेहूं की पैदावार में गिरावट की आशंका है। अनुमान के मुताबिक प्रति एकड़ पांच से दस मन तक उत्पादन कम हो सकता है। इसके अलावा मंडियों में पहुंच रही फसल की चमक भी फीकी पड़ गई है और दानों में कालापन नजर आ रहा है, जिससे गुणवत्ता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

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