
बलरामपुर में ‘एक्सीडेंट’ के नाम पर डबल मर्डर का खुलासा, प्रेम संबंध और ब्लैकमेलिंग से उपजी साजिश ने ली दो जिंदगियां
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सड़क हादसा बताकर दर्ज की गई दो युवकों की मौत का मामला 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश के तहत की गई डबल मर्डर की वारदात थी, जिसमें एक विवाहिता ने अपने पति और परिजनों के साथ मिलकर अपने पूर्व प्रेमी की हत्या की योजना बनाई थी।
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर रची गई साजिश
पुलिस के मुताबिक, दीपचंद उर्फ छोटू का आरोपी महिला खुशबू वर्मा से शादी से पहले प्रेम संबंध था, जो शादी के बाद भी जारी रहा। इसी वजह से घर में लगातार तनाव बना रहता था। आरोप है कि दीपचंद के पास महिला की पुरानी तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इस दबाव से परेशान होकर महिला ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
गांव के बाहर बुलाकर की गई हत्या
योजना के तहत दीपचंद को गांव के बाहर बुलाया गया। वह अपने दोस्त मनोज के साथ वहां पहुंचा, जहां पहले से मौजूद खुशबू, उसका पति अनिल कुमार, सगा भाई अजय कुमार वर्मा और चचेरा भाई संतोष कुमार ने मिलकर दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शवों को मोटरसाइकिल पर रखकर लौकहवा के सेवरहवा नाले के पास फेंक दिया।
हादसा दिखाने के लिए रची गई कहानी
पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने दीपचंद की बाइक भी वहीं छोड़ दी, ताकि मामला सड़क दुर्घटना लगे। शुरुआती सूचना के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हादसे का केस दर्ज भी कर लिया था।
साक्ष्य और CDR से खुली साजिश की परतें
मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से अहम सुराग मिले, जिनमें मोबाइल के टूटे हिस्से, महिला की माला और बाइक शामिल हैं। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से पूरी साजिश का खुलासा हुआ और यह साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुशबू वर्मा, उसके पति अनिल कुमार, सगे भाई अजय कुमार वर्मा और चचेरे भाई संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
24 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, जांच और सर्विलांस टीम की मदद से 24 घंटे के भीतर इस केस का खुलासा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यह मामला शुरुआत में सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन गहन जांच के बाद सच्चाई सामने आई।



