नेपाल ने भारतीय वाहनों पर सख्ती बढ़ाई: अब बाइक-कार ले जाने पर देना होगा रोजाना शुल्क, नए नियमों से पर्यटक और व्यापारी प्रभावित

वाल्मीकिनगर सीमा क्षेत्र से जुड़ी आवाजाही पर नेपाल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। अब भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों को अपनी गाड़ियों के साथ प्रवेश के लिए तय प्रक्रिया और शुल्क का पालन करना अनिवार्य होगा। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों के लोगों पर पड़ने की संभावना है।
भंसार (कस्टम) के बिना वाहन प्रवेश गैरकानूनी
नई गाइडलाइन के तहत किसी भी भारतीय वाहन को नेपाल में प्रवेश से पहले भंसार यानी कस्टम प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बिना भंसार के वाहन चलाना पूरी तरह अवैध माना जाएगा। इसके लिए नेपाल के भंसार कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा करना जरूरी होगा।
वाहनों के लिए तय हुआ प्रतिदिन का शुल्क
नेपाल सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए दैनिक शुल्क तय किया है। इसके अनुसार दोपहिया वाहनों पर 200 नेपाली रुपये, तीन पहिया वाहनों पर 400 नेपाली रुपये और चार पहिया वाहनों पर 600 नेपाली रुपये प्रतिदिन का शुल्क देना होगा।
30 दिन की सीमा, अधिक रुकने पर भारी जुर्माना
नियमों के मुताबिक कोई भी विदेशी वाहन एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में रह सकता है। निर्धारित अवधि से अधिक रुकने पर अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। दोपहिया वाहनों पर 2000 नेपाली रुपये प्रतिदिन और चार पहिया वाहनों पर 2500 नेपाली रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर जब्ती और जुर्माने का प्रावधान
यदि कोई वाहन बिना भंसार शुल्क दिए सात दिन से अधिक समय तक नेपाल में पाया जाता है तो उसे जब्त किया जा सकता है। वहीं, बिना अनुमति वाहन चलाने पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा 5000 नेपाली रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
आरटीओ से अनुमति पत्र लेना भी जरूरी
भंसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारतीय वाहनों को नेपाल की सड़कों पर चलाने के लिए वहां के आरटीओ कार्यालय से अनुमति पत्र लेना होगा। इसके लिए करीब 300 नेपाली रुपये प्रतिदिन शुल्क देना पड़ेगा।
डे पास की सुविधा, सीमित दूरी के लिए राहत
हालांकि, जो लोग सीमावर्ती बाजार तक जाकर उसी दिन लौट आते हैं, उन्हें भंसार कार्यालय से विशेष डे पास मिल सकता है। यह सुविधा पत्र निःशुल्क होगा और अल्प अवधि के लिए राहत प्रदान करेगा।
पुराने नियमों को ही अब सख्ती से किया जा रहा लागू
त्रिवेणी स्थित भंसार कार्यालय के प्रभारी तुलसी राम चौधरी के अनुसार ये नियम पहले से लागू थे, लेकिन अब इन्हें सख्ती से लागू किया जा रहा है। पर्यटकों की सुविधा के लिए भंसार शुल्क से संबंधित जानकारी कार्यालय में प्रदर्शित भी कर दी गई है।



