उत्तराखंड

केदारनाथ हेली शटल सेवा की ऑनलाइन बुकिंग रिकॉर्ड समय में पूरी, पारदर्शी व्यवस्था से यात्रियों को मिली बड़ी राहत और सुव्यवस्थित सुविधा

15 अप्रैल 2026 की शाम ठीक 6:00 बजे से केदारनाथ हेली शटल सेवा के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू की गई, जो 22 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक की यात्रा अवधि के लिए निर्धारित थी। हेली यात्रा बुकिंग पोर्टल के माध्यम से कुल 31,450 सीटों की बुकिंग खोली गई थी, और महज कुछ ही समय में 10,855 टिकटों के जरिए सभी सीटें सफलतापूर्वक बुक कर ली गईं। यह पूरी प्रक्रिया तेज, सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।

बुकिंग प्रक्रिया की निगरानी में कॉल सेंटर की सक्रिय भूमिका

ऑनलाइन बुकिंग की पारदर्शिता और वास्तविकता की जांच के लिए उत्तराखंड पर्यटन के टूरिस्ट हेल्पलाइन कॉल सेंटर द्वारा 565 रैंडम कॉल्स की गईं। समीक्षा में सामने आया कि कुल 10,859 मोबाइल नंबरों का उपयोग बुकिंग के दौरान किया गया, जिनमें से 4,400 नंबर वास्तविक यात्रियों से मेल खाते पाए गए। आंकड़ों के अनुसार लगभग 51 प्रतिशत बुकिंग यात्रियों ने स्वयं की, जबकि 49 प्रतिशत बुकिंग अन्य माध्यमों के जरिए कराई गई।

पीक टाइम में तेजी से बढ़ी बुकिंग, डेढ़ घंटे में फुल हुई सभी सीटें

बुकिंग की शुरुआत के दो मिनट बाद ही यानी शाम 6:02 बजे पहला टिकट बुक हुआ, जबकि अंतिम टिकट 7:28 बजे तक जारी कर दिया गया। इस दौरान शाम 6:10 बजे से 6:32 बजे के बीच बुकिंग का पीक समय दर्ज किया गया। खास तौर पर 6:10 बजे अकेले 849 बुकिंग दर्ज की गईं और इसके बाद लगातार तेजी से संख्या बढ़ती गई, जिससे सिस्टम की क्षमता और मांग दोनों स्पष्ट नजर आईं।

राज्यवार बुकिंग में महाराष्ट्र सबसे आगे, यूपी और दिल्ली भी प्रमुख हिस्सेदार

राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो महाराष्ट्र से सबसे अधिक 1708 बुकिंग दर्ज की गईं। इसके बाद उत्तर प्रदेश से 1243, दिल्ली से 867, तेलंगाना से 864, कर्नाटक से 801 और गुजरात से 700 बुकिंग सामने आईं। ये आंकड़े देशभर से केदारनाथ यात्रा के प्रति बढ़ती आस्था और उत्साह को दर्शाते हैं।

बुकिंग नियमों से सुनिश्चित हुई पारदर्शिता और संतुलन

प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रति यूज़र अधिकतम 2 बुकिंग और कुल 12 सीटों तक की सीमा तय की गई थी। एक IP एड्रेस से अधिकतम 5 यूज़र ID के जरिए बुकिंग की अनुमति दी गई, जबकि एक बुकिंग में अधिकतम 6 यात्रियों को शामिल किया जा सकता था। इन नियमों के जरिए बुकिंग में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।

सीमित स्तर पर हुए कैंसलेशन, प्रक्रिया बनी स्थिर

अब तक 510 बुकिंग ID के तहत कुल 913 सीटों के लिए कैंसलेशन दर्ज किए गए हैं। हालांकि यह संख्या कुल बुकिंग के मुकाबले काफी सीमित है, जिससे पूरी प्रक्रिया की स्थिरता और भरोसेमंद संचालन का संकेत मिलता है।

सरकार की पारदर्शी पहल से यात्रियों को मिला भरोसेमंद अनुभव

राज्य सरकार द्वारा संचालित यह पूरी बुकिंग प्रक्रिया पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और सुव्यवस्थित प्रबंधन का उदाहरण बनी है। इससे यात्रियों को न सिर्फ सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिली, बल्कि ऑनलाइन सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।


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