चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन का एक्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है।
इंस्टाग्राम वीडियो में केदारनाथ व्यवस्थाओं पर किए गए भ्रामक दावे
सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी thecurlypoet से साझा किया गया एक वीडियो प्रशासन के संज्ञान में आया। इस वीडियो में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर निराधार और भ्रामक दावे किए गए थे। वीडियो में यह आरोप लगाया गया कि एक वृद्ध श्रद्धालु की तबीयत खराब होने के बावजूद प्रशासन ने मदद नहीं की और वीआईपी प्रोटोकॉल के कारण आम श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।
वास्तविकता: बीमार श्रद्धालु को तुरंत पहुंचाया गया अस्पताल
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि 22 अप्रैल 2026 को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा।
तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने पर दर्ज हुआ मामला
वीडियो के जरिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे आमजन में भ्रम फैलाने और प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और FIR दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश, अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
संदिग्ध कंटेंट पर कड़ी नजर, लगातार जारी रहेगा एक्शन
प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित अन्य संदिग्ध वीडियो और कंटेंट की भी लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। साफ तौर पर कहा गया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।




