चार धाम यात्रा : हेलीकॉप्टर बुकिंग कराने से पहले पढ़ ले ये खबर
सावधान! उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन हेलीकॉप्टर बुकिंग से रहे सावधान
Meerut News : पर्यटन स्थलों के नाम पर फर्जी बुकिंग बेबसाइटस एवं सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से हो रही ऑनलाइन/ साइबर ठगी व फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग से रहें सावधान।
ठगी से बचाव हेतु डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी की पर्यटकों से अपील की है और जनपदीय पुलिस को निर्देश दिए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने दिए सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश
पुलिस उप महानिरीक्षक, मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि ग्रीष्मकाल में काफी संख्या में लोग धूमने के लिए पर्यटन स्थलों पर जाते हैं। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की भी शुरुआत हो चुकी है, इस बीच साइबर फ्रॉड भी एक्टिव हो गए हैं। जिसके सम्बन्ध मे उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के जनपदों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।
फर्जी वेबसाइट तैयार कर हेलीकॉप्टर बुकिंग
साइबर फ्रॉड करने वाले लोग विभिन्न पर्यटन स्थलों व चारधाम यात्रा के नाम पर मिलते जुलते नामों से फर्जी वेबसाइट तैयार कर होने वाली हेलीकॉप्टर बुकिंग पर बड़े स्तर पर फ्रॉड करने में जुटे हुए हैं। इसलिए ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय के I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre)’ द्वारा पर्यटन के नाम पर हो रही साइबर ठगी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ‘विशेष रूप से हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर बड़े स्तर पर ऑनलाइन/ साइबर फ्रॉड’ किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसमें कई पर्यटक/श्रद्धालु ठगी का शिकार हो चुके हैं ।
चारधाम हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए अधिकृत वेबसाइट
वर्तमान में उत्तराखंड राज्य में प्रचलित चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं, होटलो और टूर एवं ट्रैवल सेवाओं में साईबर धोखाधड़ी को रोकने के दृष्टिगत उत्तराखंड सरकार द्वारा चारधाम हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए अधिकृत वेबसाइट https://heliyatra.irctc.co.in निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य पर्यटन विभाग ने एक ‘आधिकारिक WhatsApp नम्बर 8394833833’ जारी किया गया है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु ‘Yatra’संदेश भेजकर पंजीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है।
इस सम्बन्ध में ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C)’ द्वारा निकटवर्ती जनपदों के साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें ‘पर्यटन तथा चारधाम यात्रा एवं केदारनाथ हेली फ्राइडस विषय’ पर बताया गया कि जालसाज लोग चारधाम यात्रा के नाम पर ठगी करने के कई तरीके अपनाते हैं।
पर्यटन/यात्रा के नाम पर ठगी का तरीका (Modus Operandi)
➡️ ठगों द्वारा पर्यटन के लिए आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखने वाली मिलते जुलते नामो से फर्जी वेबसाइट तैयार की जाती है।
➡️ सर्च इंजन एवं सोशल मीडिया विज्ञापनों के माध्यम से इन्हें ऊपर दिखाया जाता है।
➡️ चारधाम यात्रा हेली सेवा के नाम से विज्ञापन / पोस्ट के माध्यम से प्रचार करते हैं और लोगो से सम्पर्क करते हैं।
➡️ वेबसाइट पर क्लिक करने पर व्हाट्सएप/अन्य माध्यम से संपर्क स्थापित किया जाता है।
➡️ इन वेबसाइट/ सोशल मीडिया एकाउण्ट मे दिये फोन नंबर / व्हाट्सएप नम्बर के माध्यम से आमजन/ पीड़ित इन अपराधियो के संपर्क मे आते हैं।
➡️ ठग स्वयं को ट्रेवल कम्पनी का अधिकृत एजेंट बताकर ‘30% डिस्काउन्ट व तुरन्त टिकट देने का लालच व समूह बुकिंग मे सस्ता आफर’ देकर म्यूल बैंक खातो मे रुपये ट्रान्सफर करा लेते हैं ।
➡️ ‘लास्ट सीट’ , ‘वीआईपी एक्सेस’ जैसे लालच देकर तत्काल भुगतान का दबाव बनाया जाता है।
➡️ भुगतान हेतु ‘फर्जी आईडी कार्ड एवं फर्जी UPI ID / QR Code साझा’ किया जाता है।
➡️ भुगतान के बाद या तो फर्जी टिकट दिया जाता है या संपर्क समाप्त कर दिया जाता है।
ठगी से बचाव हेतु पुलिस को निर्देश
➡️ यात्रा प्रारम्भ होने से पहले आमजन को जागरुक करने हेतु प्रचार प्रसार (Awareness campaign) चलाया जाये, जिससे वे केवल अधिकृत पोर्टल/ स्रोतो के माध्यम से ही बुकिंग करें।
➡️ फ्रॉड से संबंधित UPI ID / QR Code एवं सोशल मीडिया एकाउण्ट से लिंक मोबाइल नम्बर, व्हाट्सएप नम्बर, सोशल मीडिया आईडी/ एकाउण्ट आदि का सेवा प्रदाताओ से विवरण प्राप्त किया जाए ।
➡️ यदि पीड़ित अपने घर पहुंच जाता है तथा अपराध का पंजीकरण नही कर पाया है, घटना स्थल उत्तराखण्ड का पाया जाता है तो थाने पर e-Zero FIR पंजीकृत कराकर उत्तराखण्ड स्थानांतरित किया जा सकता है ।
➡️ संबंधित बैंक खातो / UPI खातो को फ्रीज कराया जाये ।
➡️ केवल IRCTC के आधिकारिक बुकिंग पोर्टल को ही प्रमोट किया जाये ।
➡️ फर्जी Meta Ads (विज्ञापनो) को तुरन्त हटवाया जाये एवं फ्रॉड डोमेन्स (बेबसाइटस) को रियल टाइम मे ब्लाक कराया जाए ।
जनसामान्य द्वारा बरती जाने वाली सावधानियां
क्या करें
➡️ केवल ‘अधिकृत सरकारी वेबसाइट’ से ही बुकिंग करें।
➡️ व्हाट्सएप/सोशल मीडिया के माध्यम से आई बुकिंग ऑफर पर भरोसा न करें।
➡️ भुगतान से पहले वेबसाइट की ‘प्रमाणिकता (URL Verification)’ अवश्य जांचें।
➡️ फर्जी UPI ID/QR Code पर भुगतान न करें।
➡️ किसी प्रकार की ठगी होने पर तत्काल ‘1930 हेल्पलाइन’ या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
क्या न करें
➡️ किसी भी अनजान लिंक/विज्ञापन पर क्लिक करने से बचें।
➡️ किसी भी अंजान व्यक्ति से अपनी व्यक्तिगत एवं लेन-देन संबंधी जानकारी साझा न करें।
➡️ फर्जी छूट या ऑफर्स के झांसे मे न आएं ।
➡️ सोशल मीडिया व्हाटसएप या फोन कॉल पर प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें।
➡️ अपना ओटीपी, बैंक विवरण या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
➡️ किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजर अंदान न करें, इसकी सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन या प्रशासन को दें।
डीआईजी मेरठ ने पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों एवं चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान सतर्कता बरतें एवं किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या ऑफर के झांसे में न आएं। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।



