हरियाणा में गरीब छात्रों को RTE के तहत मिलेगा तेजी से एडमिशन, निजी स्कूलों को 3 दिन में दाखिला देने के सख्त निर्देश, नियम न मानने पर मान्यता रद्द तक की चेतावनी

चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब विद्यार्थियों के दाखिले को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में अब निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र छात्रों को अधिकतम तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाए। ऐसा न करने पर स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि मान्यता रद्द करने तक की चेतावनी दी गई है।
9 मई तक हर हाल में पूरे करने होंगे दाखिले
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी 4703 निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि आरटीई के तहत निर्धारित 21,752 सीटों पर दाखिला प्रक्रिया 9 मई तक पूरी की जाए। 30 अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया में कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि कुछ निजी स्कूल जानबूझकर देरी कर रहे हैं या तकनीकी कारण बताकर प्रवेश से इनकार कर रहे हैं।
ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से होगी निगरानी
दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया है। इसके तहत सभी निजी स्कूलों को अपने एमआईएस लॉगिन के जरिए रोजाना छात्रों की स्थिति अपडेट करनी होगी। स्कूलों को यह बताना अनिवार्य होगा कि किस छात्र का प्रवेश स्वीकार किया गया है या अस्वीकार, और यदि अस्वीकार किया गया है तो उसका ठोस कारण पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
बिना ठोस कारण दाखिला रोकने पर कार्रवाई तय
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही कारण मान्य होंगे जो आरटीई नियमों के अनुरूप हों। बिना दस्तावेजी आधार के किसी भी छात्र का प्रवेश रोकना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय बच्चों को प्राथमिकता देने के निर्देश
जिला और ब्लॉक स्तर पर निगरानी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर शिकायत का तुरंत समाधान करें। यदि किसी शिकायत का निपटारा पांच दिनों के भीतर नहीं होता है, तो उसे अपीलीय समिति के पास भेजा जाएगा। इसके साथ ही कक्षा 1, प्री-प्राइमरी और प्राथमिक स्तर की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर सबसे पहले उन बच्चों को प्रवेश देना होगा जो स्कूल से एक किलोमीटर के दायरे में रहते हैं।
तीन किलोमीटर के दायरे तक प्रवेश पर प्रतिपूर्ति
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी स्कूल स्वेच्छा से तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को प्रवेश देता है, तो उसे नियमानुसार सरकार की ओर से प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए अभिभावक का हरियाणा निवासी होना और वैध निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
दस्तावेज सत्यापन के बाद ही होगा प्रवेश अंतिम
प्रारंभिक प्रवेश को अस्थायी माना जाएगा और अंतिम पुष्टि दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही की जाएगी। विद्यालय स्तर पर गठित समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों के अनुसार ही दस्तावेजों की जांच करें, ताकि किसी भी पात्र छात्र के साथ अन्याय न हो।



