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झारखंड में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, खूंटी से 2 उग्रवादी गिरफ्तार; पलामू में शुरू हुई हाईटेक डिजिटल निगरानी व्यवस्था

रांची। झारखंड में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। खूंटी जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित माओवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी ओर पलामू पुलिस ने अपराध, नक्सली गतिविधियों और चोरी जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू कर दी है। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में चल रहे सघन अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।

खूंटी के जंगल में छापेमारी, दो नक्सली गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार खूंटी जिले के जिलिंगा जंगल में शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पीएलएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि संगठन के सदस्य जंगल में इकट्ठा होकर किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहे हैं। साथ ही संगठन विस्तार और इलाके में रंगदारी वसूली की योजना भी बनाई जा रही थी।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और जंगल में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके पास से दो देसी तमंचे और दो कारतूस भी बरामद किए हैं।

पलामू में शुरू हुई क्यूआर कोड आधारित हाईटेक पुलिसिंग

नक्सल गतिविधियों और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पलामू पुलिस ने अब डिजिटल निगरानी प्रणाली शुरू की है। बड़े शहरों की तर्ज पर जिले में क्यूआर कोड आधारित पुलिसिंग लागू की गई है, जिसके जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जाएगी।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पूरे जिले में 650 स्थानों की पहचान कर वहां क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इनमें बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप और अन्य संवेदनशील इलाके शामिल हैं। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में सबसे ज्यादा करीब 110 क्यूआर कोड लगाए गए हैं।

रियल टाइम मॉनिटरिंग से होगी गश्ती दल की निगरानी

पुलिस की पेट्रोलिंग टीम इन चिह्नित स्थानों पर पहुंचकर क्यूआर कोड स्कैन करेगी। स्कैन करते ही जवान और टीम से जुड़ा पूरा डेटा सीधे पुलिस मुख्यालय और पलामू एसपी कार्यालय तक पहुंच जाएगा। यह पूरा सिस्टम झारखंड पुलिस के ‘रक्षक’ ऐप से जुड़ा हुआ है, जहां रियल टाइम अपडेट दर्ज होंगे।

सूत्रों के मुताबिक शहरी क्षेत्रों की जिम्मेदारी टाइगर मोबाइल टीम को दी गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों की निगरानी संबंधित बीट अधिकारियों के जिम्मे होगी। टाइगर मोबाइल के जवान दिन और रात दोनों समय इन इलाकों में दो से तीन बार अनिवार्य रूप से गश्त करेंगे।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल: एसपी

पलामू के एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य अपराध और चोरी की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ पेट्रोलिंग टीम को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल निगरानी प्रणाली से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा।

सारंडा जंगल में हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

उधर पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल और टोंटो-गोइलकेरा इलाके में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कोबरा 209 बटालियन के नेतृत्व में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार हाल ही में टोंटो-गोइलकेरा के जंगलों में सुरक्षाबलों और एक लाख रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक नक्सली मारा गया था। इसके बाद इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि इसी अभियान के दौरान जब सुरक्षाबलों की टीम रूटुगुटू के दुर्गम जंगलों में पहुंची तो वहां नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद हुआ।

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