PM मोदी बोले- कोविड और युद्ध ने दुनिया को फिर गरीबी की ओर धकेला, वैश्विक अर्थव्यवस्था बड़े संकट में

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आर्थिक हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। नीदरलैंड्स में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड महामारी और मध्य एशिया में जारी युद्ध ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को गहरे संकट में धकेल दिया है। उन्होंने मौजूदा दौर को “तबाही का दशक” बताते हुए कहा कि कई दशकों की विकास यात्रा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
प्रधानमंत्री इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। संयुक्त अरब अमीरात के बाद वह नीदरलैंड्स पहुंचे, जहां उन्होंने वैश्विक चुनौतियों, ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता को लेकर चिंता जताई।
‘दुनिया फिर गरीबी की ओर बढ़ रही’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद दुनिया धीरे-धीरे संभलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन युद्ध की स्थिति ने हालात और गंभीर कर दिए। उन्होंने कहा कि अगर परिस्थितियां जल्द नियंत्रित नहीं हुईं तो दुनिया का बड़ा हिस्सा दोबारा गरीबी की चपेट में आ सकता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय भारी दबाव में है और नई चुनौतियों से निपटना आसान नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले समय में देशों को संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और आत्मनिर्भरता पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
लोगों से बचत और संयम की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी लोगों से ऊर्जा और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील कर चुके हैं। उन्होंने नागरिकों को पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने, कार पूल अपनाने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो सके। इसके अलावा उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कुछ समय तक सोना खरीदने से बचने की भी अपील की थी।
उन्होंने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एसी के सीमित उपयोग और खेती में उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर भी जोर दिया था।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी जताई चिंता
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। ईरान संकट के बाद ईंधन की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा।
दूध समेत कई उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
नीदरलैंड में निवेश और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में निवेश बढ़ाने का आह्वान भी किया।
माना जा रहा है कि भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ता आर्थिक और तकनीकी सहयोग आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकता है।



