
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में हेलमेट की बिक्री में अचानक तेज उछाल दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नई सरकार के गठन के बाद पुलिस ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है, जिसका सीधा असर बाजार में देखने को मिल रहा है।
पुलिस की सख्ती से बढ़ी कार्रवाई, हजारों चालान
नई दिल्ली: जानकारी के मुताबिक, हालिया चुनाव परिणामों के बाद राज्य में ट्रैफिक नियमों को लेकर समान रूप से सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। पहले जहां कुछ इलाकों में ढिलाई की शिकायतें थीं, वहीं अब सभी क्षेत्रों में एक समान कार्रवाई हो रही है। केवल कोलकाता में ही मई महीने के दौरान 35,600 से अधिक नो-हेलमेट चालान काटे गए हैं।
हेलमेट बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नई दिल्ली: सख्ती का असर सीधे बाजार पर पड़ा है। प्रमुख हेलमेट निर्माता कंपनी स्टड्स एक्सेसरीज के अनुसार, मई महीने में पश्चिम बंगाल में उनकी बिक्री में करीब 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं बच्चों के हेलमेट की बिक्री दोगुनी से भी अधिक बढ़ गई है। दूसरी ओर वेगा हेलमेट्स के डिस्ट्रीब्यूटरों ने भी बिक्री में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि की पुष्टि की है।
शहरों से गांवों तक बढ़ी मांग
नई दिल्ली: कोलकाता के अलावा राज्य के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी हेलमेट की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले जहां इन क्षेत्रों में हेलमेट का उपयोग कम था, वहीं अब पुलिस की सख्ती के चलते लोग अधिक जागरूक दिखाई दे रहे हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, मिदनापुर, कृष्णानगर, आसनसोल, बर्दवान, बांकुड़ा, सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जैसे क्षेत्रों में बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रोड सेफ्टी पर नई सरकार का फोकस
नई दिल्ली: नई सरकार का दावा है कि सड़क सुरक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सरकार के मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि हेलमेट नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
जागरूकता अभियान और गिरते उल्लंघन के मामले
नई दिल्ली: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सख्त कार्रवाई के बाद नियम उल्लंघन के मामलों में गिरावट आई है और इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।



