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India-US Trade Deal: अमेरिकी प्रतिनिधि के भारत दौरे से बढ़ीं उम्मीदें, अगले महीने फाइनल हो सकती है बड़ी व्यापार डील

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच जारी वार्ताओं के बीच इस सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनके दौरे को द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अमेरिकी प्रतिनिधि अपने दौरे के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान अंतरिम व्यापार समझौते और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि दोनों पक्ष समझौते के पहले चरण को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद तेज हुई प्रक्रिया

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को उस समय नई गति मिली जब जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हुई। दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया था।

अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह दौरा फरवरी 2025 में दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद शुरू हुई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हो रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान व्यापारिक बाधाओं को कम करने और नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।

व्यापार समझौते के पहले चरण पर फोकस

दोनों देश वर्तमान में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसे भविष्य में व्यापक व्यापार समझौते की नींव माना जा रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वार्ता का मुख्य उद्देश्य ढांचा समझौते को अंतिम रूप देना और आगे की प्रक्रिया को गति देना है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पहले ही संकेत दे चुके हैं कि व्यापार समझौते के कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है और पहला चरण अगले महीने के मध्य तक पूरा किया जा सकता है।

टैरिफ की समयसीमा से पहले बढ़ी सक्रियता

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत अस्थायी टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है। इसके बाद अमेरिका नई शुल्क व्यवस्था लागू कर सकता है। ऐसे में दोनों देशों के लिए व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौते का पहला चरण समय पर पूरा हो जाता है तो इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और कारोबारियों को भी राहत मिल सकती है।

कुछ मुद्दों पर अभी भी जारी है बातचीत

हालांकि कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन कुछ विषयों पर अभी भी सहमति बनना बाकी है। अमेरिका कृषि क्षेत्र से जुड़े कुछ उत्पादों को भारतीय बाजार में अधिक पहुंच देने की मांग कर रहा है, जबकि भारत अमेरिकी टैरिफ में और राहत चाहता है।

इसके अलावा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने कुछ व्यापारिक मामलों को लेकर जांच भी शुरू की है, जिन पर दोनों देशों के बीच चर्चा जारी है। इन्हीं मुद्दों को सुलझाने के लिए उच्चस्तरीय वार्ताओं का दौर तेज किया गया है।

190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है द्विपक्षीय व्यापार

भारत और अमेरिका एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल आंकड़ा 190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। दोनों सरकारें आने वाले वर्षों में इसे और बढ़ाने के लक्ष्य पर काम कर रही हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रस्तावित व्यापार समझौता सफलतापूर्वक लागू हो जाता है तो इससे निवेश, निर्यात, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे। यही वजह है कि अमेरिकी प्रतिनिधि का यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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