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PoK में उबाल! मुजफ्फराबाद मार्च से बढ़ा तनाव, प्रदर्शन से पहले सुरक्षा कड़ी, दमन के आरोपों के बीच हालात गरमाए

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में बुधवार को प्रस्तावित मुजफ्फराबाद मार्च को लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मार्च ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को हुई कार्रवाई में कम से कम आठ लोगों की मौत होने और दर्जनों लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। बताया गया कि रावलकोट बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। शुरुआती चरण में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बाद में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आईं। सुधानोटी क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई होने की बात कही गई है।

कई जिलों में सुरक्षा कड़ी, इंटरनेट और आवाजाही पर असर

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, रावलकोट, मुजफ्फराबाद, बाग, कोटली, मीरपुर, हट्टियां बाला और सुधानोटी समेत कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दावों के अनुसार, कई स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं, सड़कों पर अवरोध लगाए गए हैं और लोगों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। खाद्य सामग्री और दवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।

आंदोलन चला रहे संगठन पर प्रतिबंध

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर पाकिस्तान ने प्रतिबंध लगा दिया है। संगठन के प्रमुख शौकत नवाज मीर सहित 600 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का भी दावा किया गया है।

बताया जा रहा है कि यह आंदोलन शुरुआत में महंगाई, बिजली और गेहूं की बढ़ती कीमतों तथा बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ था। बाद में इसमें शासन व्यवस्था और अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो गए।

38 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार, रावलकोट में यह आंदोलन पिछले 40 दिनों से जारी है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने प्रशासन को 38 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, जिसमें सस्ती बिजली, सस्ता गेहूं, रोजगार, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और दमनकारी नीतियों को समाप्त करने जैसी मांगें शामिल हैं।

सभा में दिए गए बयानों से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

रावलकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित सभा के दौरान जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान के आधिकारिक रुख से अलग बयान दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और इसे लेकर अपने विचार सार्वजनिक रूप से रखे। सभा में मौजूद लोगों ने उनके वक्तव्य का समर्थन नारेबाजी और तालियों के माध्यम से किया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुजफ्फराबाद में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन ने क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी हुई है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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