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ईरान पर अमेरिकी हमले तेज, IRGC की स्पीडबोट और सैन्य ठिकाने बने निशाना; मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, रविवार से ईरान के खिलाफ नए हवाई हमलों की श्रृंखला शुरू की गई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में ईरान की मिसाइल प्रणालियों, वायु रक्षा ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की तेज रफ्तार स्पीडबोट्स को निशाना बनाया गया।

क्रूज मिसाइल और ड्रोन मार गिराने का दावा

सेंटकॉम के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक आत्मघाती ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक फोन इंटरव्यू में इन सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है।

ईरान के कई इलाकों में धमाकों की खबर

अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास के पश्चिमी क्षेत्र, केशम द्वीप, जास्क, सिरीक और बुशहर के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई है। केशम के गवर्नर हुसैन अमीर तैमूरी के अनुसार, द्वीप पर 10 से 11 प्रोजेक्टाइल गिरे। उनके मुताबिक, सभी हमले सैन्य ठिकानों पर हुए और किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमान और मिसाइलें अब तक ईरान के 14 अलग-अलग प्रांतों को निशाना बना चुकी हैं।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का किया दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी कमांड सेंटर, कुवैत में हिमार्स मिसाइल लॉन्चर सिस्टम, ओमान में एयरक्राफ्ट कैरियर सपोर्ट प्लेटफॉर्म और कतर के जेट मेंटेनेंस सेंटर पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, होर्मोज्गान में अमेरिकी हमलों के दौरान एक मेंटेनेंस कर्मचारी की मौत हुई, जबकि दो अन्य घायल हुए। वहीं, मशहर स्थित एक वॉटर पंपिंग स्टेशन पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा विवाद

ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के चलते फिलहाल किसी भी जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ईरान का इस जलमार्ग पर नियंत्रण नहीं है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही जारी है और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी सेना पूरी तरह सक्रिय है।

कुवैत और कतर ने भी नुकसान की जानकारी दी

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश की तीन उत्तरी सीमा चौकियों और एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है, जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ है। वहीं, कतर ने कहा कि मिसाइल का मलबा गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हुए हैं। कतर ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

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