भारी बारिश में क्या बह गया बुलेट ट्रेन का पुल? वायरल दावे पर अधिकारियों ने बताया पूरा सच

मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भारी बारिश के बाद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ। दावा किया गया कि उल्हास नदी पर निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन का पुल बारिश के तेज बहाव में बह गया है। हालांकि, परियोजना का संचालन कर रही संस्था ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताते हुए वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भारी बारिश और उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण केवल निर्माण कार्य के लिए बनाया गया अस्थायी एक्सेस मार्ग प्रभावित हुआ है। यह मार्ग मजदूरों, मशीनों और निर्माण सामग्री की आवाजाही के लिए तैयार किया गया था और इसका मुख्य पुल की संरचना से कोई संबंध नहीं है।
मुख्य पुल पूरी तरह सुरक्षित, निर्माण कार्य जारी
अधिकारियों के अनुसार, निर्माणाधीन स्थायी बुलेट ट्रेन पुल पूरी तरह सुरक्षित है। भारी बारिश का पुल के डिजाइन, गुणवत्ता या निर्माण कार्य पर कोई असर नहीं पड़ा है। परियोजना का काम तय योजना के अनुसार लगातार जारी है और किसी तरह की संरचनात्मक क्षति नहीं हुई है।
बारिश के बाद वायरल हुई थीं भ्रामक खबरें
पिछले सप्ताह ठाणे जिले में हुई मूसलाधार बारिश के कारण उल्हास नदी उफान पर आ गई थी। इससे आसपास के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। इसी दौरान कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया गया कि निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन पुल बह गया है। एनएचएसआरसीएल ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि प्रभावित हिस्सा केवल अस्थायी निर्माण मार्ग था, मुख्य पुल नहीं।
1.08 लाख करोड़ रुपये की परियोजना
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका निर्माण लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। संस्था ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। अधिकारियों के मुताबिक, ठाणे सहित सभी निर्माण स्थलों पर कार्य सामान्य रूप से जारी है।



