NEET पेपर लीक पर बड़ा एक्शन! फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाला सख्त कानून लाने की तैयारी, आज कैबिनेट में होगी अहम चर्चा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अब भी सस्पेंस

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों की सुनवाई और दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान शामिल होगा। इस मसौदे पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा की जाएगी।
कैबिनेट में कानून के मसौदे पर होगी चर्चा
करीब तीन मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों ने प्रस्तावित कानून का मसौदा तैयार कर लिया है, जिस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तार से चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे संसद में पेश करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
‘पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक और शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।
सरकार की पहली प्राथमिकता थी छात्रों का साल बचाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कथित पेपर लीक सामने आने के बाद सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाना था। इसी उद्देश्य से कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई, जिसमें लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणाम 19 जुलाई को घोषित किए जा चुके हैं और सफल छात्र अब आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रधानमंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां मामले में लगातार कार्रवाई कर रही हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसा कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है जिससे पेपर लीक के मामलों का त्वरित निपटारा हो और दोषियों को कठोर सजा मिल सके।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर बना हुआ है सस्पेंस
NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी है। विपक्ष भी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
हालांकि, प्रधानमंत्री के बयान और सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में मंत्रिमंडल में किसी बदलाव या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया है। ऐसे में इस मुद्दे पर सस्पेंस बरकरार है।
सरकार बनाम विपक्ष के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
विपक्ष का कहना है कि शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय किए बिना सरकार की कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी। वहीं, केंद्र सरकार का जोर फिलहाल दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने पर है।



