
नई दिल्ली: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने, मांसपेशियों में दर्द और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में डॉक्टर अक्सर विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसे सही तरीके से न लिया जाए तो शरीर को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
क्यों नहीं मिलता सप्लीमेंट का पूरा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल विटामिन डी सप्लीमेंट लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि इसके साथ सही प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल नहीं किए जाते, तो शरीर इस विटामिन को प्रभावी ढंग से अवशोषित नहीं कर पाता। ऐसे में सप्लीमेंट लेने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
रोजाना कितनी मात्रा में चाहिए विटामिन डी?
मायो क्लिनिक के अनुसार, एक वर्ष से 70 वर्ष तक की आयु के लोगों को प्रतिदिन 600 इंटरनेशनल यूनिट (आईयू) विटामिन डी की आवश्यकता होती है। वहीं, 70 वर्ष की आयु के बाद यह आवश्यकता बढ़कर 800 आईयू प्रतिदिन हो जाती है।
पानी में नहीं घुलता विटामिन डी
यदि आप अपनी दैनिक जरूरत पूरी करने के लिए विटामिन डी सप्लीमेंट लेते हैं, तो उसके सेवन का तरीका भी महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिकों के अनुसार, विटामिन डी वसा में घुलने वाला विटामिन है। इसका अर्थ है कि यह पानी में नहीं घुलता, इसलिए शरीर में इसके बेहतर अवशोषण के लिए इसे स्वस्थ वसा वाले खाद्य पदार्थों के साथ लेना चाहिए।
इन खाद्य पदार्थों के साथ करें सेवन
विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन डी सप्लीमेंट के साथ ऐसे खाद्य पदार्थ लेने चाहिए जिनमें लाभकारी वसा मौजूद हो। इसके लिए जैतून का तेल, एवोकाडो, अलसी के बीज और चिया सीड्स अच्छे विकल्प माने जाते हैं। इनके साथ सप्लीमेंट लेने से शरीर विटामिन डी को अधिक प्रभावी तरीके से अवशोषित कर सकता है।
शोध में क्या सामने आया?
वर्ष 2013 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जिन खाद्य पदार्थों में लगभग 10 ग्राम तक वसा होती है, वे विटामिन डी के बेहतर अवशोषण के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। इसलिए विशेषज्ञ विटामिन डी सप्लीमेंट को संतुलित और स्वस्थ वसा वाले भोजन के साथ लेने की सलाह देते हैं।



