उत्तराखंड

गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर हरिद्वार में विरोध तेज, किसानों ने जमीन देने से किया इनकार; रखी ये बड़ी मांगें

हरिद्वार: मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से जोड़ने की प्रस्तावित योजना को लेकर किसानों का विरोध शुरू हो गया है। जिले के जमालपुर कलां, सराय और आसपास के कई गांवों के किसानों ने अपनी कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए जमीन देने से इनकार कर दिया है। किसानों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए खेती और आजीविका को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

किसानों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए कहा है कि उनकी जमीनें सिंचित और बेहद उपजाऊ हैं। ऐसे में यदि भूमि अधिग्रहण किया जाता है तो बड़ी संख्या में किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी और कई परिवार भविष्य में भूमिहीन होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

उपजाऊ जमीन बचाने की मांग कर रहे किसान

किसानों का कहना है कि उनकी अधिकांश कृषि भूमि पर लंबे समय से खेती होती आ रही है और यही उनकी आय का मुख्य साधन है। उनका मानना है कि जमीन जाने से केवल खेत ही नहीं छिनेंगे, बल्कि परिवारों की आजीविका भी प्रभावित होगी।

किसानों ने सरकार से मांग की है कि परियोजना के लिए ऐसा वैकल्पिक रास्ता तलाशा जाए, जिससे कृषि भूमि को कम से कम नुकसान पहुंचे और किसानों के हितों की भी रक्षा हो सके।

विकास के खिलाफ नहीं, लेकिन खेती की कीमत पर नहीं

किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी परियोजना के लिए किसानों की उपजाऊ जमीन लेना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को योजना बनाते समय स्थानीय किसानों की समस्याओं और भविष्य की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार से जोड़ने की योजना को लेकर अब किसानों और प्रशासन के बीच आगे की बातचीत पर नजर बनी हुई है।

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