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31 हजार टन सोना अगर अर्थव्यवस्था में आया तो बदल जाएगी तस्वीर! Gen Z की पसंद से गोल्ड मार्केट में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: भारत में सोने को लेकर निवेश का नजरिया तेजी से बदल रहा है। पहले जहां सोना मुख्य रूप से परंपरा, आभूषण और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा माना जाता था, वहीं नई पीढ़ी इसे निवेश के आधुनिक विकल्प के तौर पर देख रही है। खासतौर पर Gen Z के बीच डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ जैसे विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। इस बदलती पसंद का असर आने वाले वर्षों में देश के गोल्ड बाजार के साथ-साथ अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ‘स्वर्णिम उड़ान 2047’ रिपोर्ट के मुताबिक भारत में सोने में निवेश का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब सोना सिर्फ घर की तिजोरी या बैंक लॉकर तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन के जरिए भी इसमें निवेश किया जा रहा है। नई पीढ़ी पारंपरिक आभूषणों की तुलना में डिजिटल गोल्ड और वित्तीय उत्पादों को अधिक प्राथमिकता दे रही है।

2035 तक Gen Z की खरीद क्षमता 2 ट्रिलियन डॉलर

गोल्ड बाजार में हो रहे इस बदलाव में Gen Z की भूमिका अहम मानी जा रही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2035 तक भारत में Gen Z की कुल खरीद क्षमता करीब 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। इतनी बड़ी उपभोक्ता शक्ति के बीच अगर सोना खरीदने और उसमें निवेश करने की प्राथमिकताएं बदलती हैं, तो इसका सीधा असर देश के गोल्ड बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

गहनों की जगह निवेश के साधनों की ओर बढ़ रहा रुझान

रिपोर्ट के मुताबिक, Gen Z सोने को केवल अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखने वाली संपत्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक निवेश संपत्ति के तौर पर देख रही है। डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ जैसे विकल्प युवाओं को इसलिए आकर्षित कर रहे हैं क्योंकि इनमें निवेश करना आसान है और जरूरत पड़ने पर इसे अपेक्षाकृत आसानी से नकदी में बदला जा सकता है। इस तरह नई पीढ़ी के लिए सोना विरासत के साथ-साथ निवेश और वित्तीय प्रबंधन का साधन भी बनता जा रहा है।

भारतीय घरों में 31 हजार टन से ज्यादा सोना

भारत के पास करीब 880 टन आधिकारिक सोने का भंडार है, जबकि भारतीय परिवारों के पास 31 हजार टन से अधिक सोना होने का अनुमान है। इसकी अनुमानित कीमत 315 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। इतना बड़ा भंडार होने के बावजूद घरों में रखा यह सोना सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था का हिस्सा नहीं है। एसोचैम की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की मात्रा दुनिया के शीर्ष 10 केंद्रीय बैंकों के कुल स्वर्ण भंडार से भी अधिक है।

सिर्फ 2 फीसदी सोना अर्थव्यवस्था में आया तो बड़ा फायदा

एसोचैम के अनुसार, यदि घरों में रखे सोने का सिर्फ 2 फीसदी हिस्सा भी वित्तीय साधनों में आ जाए तो 2047 तक भारत की जीडीपी में 7.5 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि घरों में मौजूद सोने का 2 फीसदी हिस्सा अर्थव्यवस्था से जुड़ने पर 2047 तक भारत की जीडीपी 41.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। वहीं, अगर घरों में रखे सोने का 5 फीसदी हिस्सा अर्थव्यवस्था में शामिल हो जाए तो देश का आयात बिल करीब 90 अरब डॉलर तक घट सकता है।

निष्क्रिय सोना बना तो अर्थव्यवस्था की ताकत

परिवारों के पास रखा सोना अगर वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बनता है तो इससे विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए पूंजी उपलब्ध हो सकती है। गोल्ड मॉनिटाइजेशन, गोल्ड से जुड़ी बचत योजनाओं और गोल्ड लोन जैसे माध्यमों से घरों में पड़े निष्क्रिय सोने को उत्पादक संपत्ति में बदला जा सकता है। गोल्ड लोन के बढ़ते आंकड़े भी इसी बदलाव की ओर संकेत करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में नवंबर 2025 तक गोल्ड लोन का आंकड़ा 24.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

38 करोड़ से ज्यादा Gen Z बदल रही गोल्ड बाजार की तस्वीर

भारत में 38 करोड़ से अधिक Gen Z के उपभोक्ता बाजार में मौजूद होने का अनुमान है। इस पीढ़ी की बदलती पसंद का असर आभूषण उद्योग से लेकर सोने में निवेश के तौर-तरीकों तक दिखाई दे रहा है। पारंपरिक आभूषणों से हटकर डिजिटल गोल्ड और वित्तीय उत्पादों की ओर बढ़ता रुझान आने वाले समय में घरों में जमा सोने को आर्थिक गतिविधियों की मुख्यधारा से जोड़ सकता है। इससे सोने को रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति के तौर पर देखने की प्रवृत्ति भी मजबूत हो सकती है।

गोल्ड बाजार को मिल सकते हैं ये फायदे

– घरों में रखा पुश्तैनी सोना बाजार में आने से पूंजी की उपलब्धता बढ़ सकती है।
– निवेश के लिए अधिक धन उपलब्ध हो सकता है।
– घरेलू सोने का बेहतर इस्तेमाल होने से सोने के आयात में कमी आ सकती है।
– आयात घटने से विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
– निष्क्रिय सोना अर्थव्यवस्था में आने पर विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए पूंजी का स्रोत बन सकता है।

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