देहरादून: चमोली के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत और बचाव अभियान की कमान संभाली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए।
रेस्क्यू किए गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात
मुख्यमंत्री धामी ने सुरक्षित बाहर निकाले गए श्रमिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने श्रमिकों का मनोबल बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
22 लोग फंसे, 16 का सुरक्षित रेस्क्यू
ताजा जानकारी के अनुसार टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना है। इनमें से 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बचाव अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

SDRF, NDRF, ITBP और सेना की टीमें जुटीं
मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह अभियान की पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे और जरूरत के अनुसार अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते रहे।
घटनास्थल पर जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य एजेंसियों की टीमें संयुक्त रूप से बचाव कार्य में जुटी हैं।
घायलों के इलाज के लिए विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार से फोन पर बातचीत कर राहत और बचाव अभियान की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएमओ से भी बातचीत की और घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। गंभीर घायलों को आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर के जरिए एम्स या किसी अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

सभी लोगों के सुरक्षित बाहर आने तक अभियान जारी रहेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। जब तक टनल में फंसे सभी लोग सुरक्षित बाहर नहीं आ जाते, तब तक राहत और बचाव अभियान पूरी ताकत और आपसी समन्वय के साथ जारी रहेगा।
घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन, मशीनरी और चिकित्सा सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।
मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव विनोद कुमार सुमन सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में लगातार समन्वय बनाए रखने तथा हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।




