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उत्तर भारत में बारिश का कहर, उत्तराखंड में टूटा 70 मीटर लंबा पुल; पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा बरकरार

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पश्चिमी हिमालय तक भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

पहाड़ों में भारी बारिश से सड़क और रेल यातायात प्रभावित

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बुधवार को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भारी बारिश के दौरान बादल फटने की घटना सामने आई। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। हिमाचल प्रदेश में कालका-शिमला रेलखंड पर मलबा गिरने से रेल परिचालन पर असर पड़ा।

उत्तराखंड में टूटा वैली ब्रिज, कई गांवों का संपर्क प्रभावित

उत्तराखंड में भी बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। पिथौरागढ़ जिले में धारचूला-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण वैली ब्रिज टूट गया। करीब 70 मीटर लंबे इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों का संपर्क प्रभावित हुआ है। सीमावर्ती इलाकों के कई गांवों के सामने आवागमन की समस्या पैदा हो गई है।

उत्तराखंड में 25 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। उत्तराखंड में 20 से 25 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के साथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ यात्रियों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 से 22 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में भी मानसून सक्रिय रहने से बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

मध्य प्रदेश में कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की आशंका

मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर बना रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त के बीच बारिश का अनुमान है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 से 25 अगस्त तक बारिश की संभावना जताई गई है। 20 से 22 अगस्त के बीच कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश बढ़ा सकती है मुश्किल

पूर्वी भारत में बिहार और ओडिशा के लिए भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बिहार में 21 से 23 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 21 से 25 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार बारिश होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

पूर्वोत्तर से तटीय कर्नाटक तक बारिश का दौर

पूर्वोत्तर राज्यों में 20 से 22 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। कोंकण और गोवा में 20 से 25 अगस्त तक बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में भी इसी अवधि के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगले तीन से चार दिन उत्तर-पश्चिम भारत के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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