राष्ट्रीयव्यापार

अमेरिका से ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का दो टूक संदेश, प्रतिस्पर्धियों से बेहतर टैरिफ मिले बिना सामने नहीं आएगा अंतिम समझौता

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते की अंतिम शर्तें फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका जब तक भारतीय उत्पादों के लिए उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर तरजीही टैरिफ दर देने पर सहमत नहीं होता, तब तक समझौते का अंतिम पाठ सामने नहीं आएगा। उन्होंने यह बात मुक्त व्यापार समझौते को लेकर वाणिज्य मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यशाला में कही।

प्रतिस्पर्धी देशों से बेहतर दर पर भारत का जोर

पीयूष गोयल के मुताबिक, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का अंतिम पाठ अभी जारी नहीं किया गया है। भारत की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ सुविधा मिले। दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के ढांचे को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। इसके बाद अमेरिका के टैरिफ ढांचे में बदलाव हुआ और दोनों देशों के बीच बातचीत फिर शुरू हुई। अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत सहित कई देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लागू किया था।

इन देशों के उत्पादों से भारत को मिल रही चुनौती

अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। इंडोनेशिया और मलेशिया भी भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में शामिल हैं। सरकार चाहती है कि भारतीय वस्तुओं को इन देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ दर मिले। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की कीमत प्रतिस्पर्धी होगी और निर्यातकों को फायदा मिल सकेगा। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने अमेरिका को करीब 87 अरब डॉलर के सामान का निर्यात किया था।

किसानों और संवेदनशील क्षेत्रों के हितों से समझौता नहीं

पीयूष गोयल ने कहा कि समझौते की अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं होने की वजह से इसे लेकर कई तरह के गलत दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। किसानों, मछुआरों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, कामगारों, हथकरघा, हस्तशिल्प और वाहन क्षेत्र के हितों को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र से चर्चा के बाद समझौते को संभव उच्चतम स्तर तक अंतिम रूप दिया गया है।

सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद तय होती है व्यापार डील

वाणिज्य मंत्री के अनुसार किसी भी मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले सरकार संबंधित सभी पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करती है। उनके मुताबिक मौजूदा सरकार के कार्यकाल में किए गए मुक्त व्यापार समझौते, तरजीही व्यापार समझौते और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को हितधारकों का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ मौजूदा समझौता केवल पहला चरण है और दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े अन्य मुद्दों पर बातचीत आगे भी जारी रहेगी।

60 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले समूहों तक पहुंच

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत के 9 मुक्त व्यापार समझौते ऐसे आर्थिक समूहों से जुड़े हैं, जिनकी संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की है। इन समझौतों के माध्यम से भारत को दुनिया के करीब दो-तिहाई व्यापार तक तरजीही बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है। भारत ब्रिटेन, मॉरीशस, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते लागू कर चुका है। न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता जल्द लागू होने की उम्मीद है। इसके बाद 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी भारत के लिए एक बड़ा व्यापारिक कदम होगा।

कनाडा समेत कई देशों के साथ चल रही बातचीत

भारत कई अन्य देशों और आर्थिक समूहों के साथ व्यापार समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है। इनमें कनाडा, मेक्सिको, चिली, मर्कोसुर, बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल शामिल हैं। इसके अलावा ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते, वियतनाम, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मौजूदा व्यापार समझौतों की समीक्षा की जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसे तरजीही टैरिफ हासिल करना है, जिससे भारत को वैश्विक व्यापार के करीब 75 प्रतिशत हिस्से तक अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर या कम टैरिफ दर पर पहुंच मिल सके।

सितंबर के अंत में अमेरिका जा सकते हैं पीयूष गोयल

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के लिए सितंबर के अंत में अगला अहम दौर होने की संभावना है। पीयूष गोयल महीने के आखिर में अमेरिका जाएंगे। 30 सितंबर से मिलवॉकी में दो दिवसीय जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक शुरू होगी। इस समय अमेरिका जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। बैठक के दौरान पीयूष गोयल की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर के साथ द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया है कि अमेरिका जब भारतीय उत्पादों के लिए उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर टैरिफ दर देने पर सहमत होगा, तभी द्विपक्षीय व्यापार समझौते की अंतिम जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

Related Articles

Back to top button