मध्य प्रदेशराज्य

MP: उज्जैन पहुंचीं उमा भारती, महाकाल के किए दर्शन; जहरीली शराब कांड पर जनप्रतिनिधियों से पूछा- क्या जानकारी नहीं थी?

उज्जैन: पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सागर जिले में अवैध और जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचीं उमा भारती ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने धर्म और कर्तव्य का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए।

सागर शराब कांड पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सवाल

उमा भारती ने सागर शराब कांड का जिक्र करते हुए पूछा कि जब इलाके में अवैध शराब की बिक्री हो रही थी, तब स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, सरपंच और पार्षद क्या कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की जानकारी नहीं थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों को कॉकरोच कहने वाली टिप्पणी पर जताई नाराजगी

जेन-जी के प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए उमा भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई लोगों ने गालियां दीं, लेकिन उन्होंने सभी को माफ कर दिया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए एक कवि की तीखी आलोचना की।

उमा भारती ने कहा कि उस व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों को कॉकरोच बताते हुए कहा था कि वे एक प्रहार से छिटक जाएंगे और चप्पल से मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की अमानवीय टिप्पणी से उन्हें बहुत दुख हुआ और वह उस व्यक्ति का नाम भी नहीं लेना चाहतीं।

महाकाल मंदिर की घटना को बताया भविष्य के लिए सबक

उमा भारती ने 17 अगस्त को नागपंचमी के दौरान महाकाल मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण हुई अफरातफरी की घटना पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना थी। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि यह समझने की जरूरत है कि कुछ भगवानों की पूजा घर में भी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की भी अपनी सीमाएं होती हैं, जो कई बार श्रद्धालुओं की आस्था के आगे टूट जाती हैं। अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए उमा भारती ने कहा कि उस समय किए गए अनुमान गलत साबित हुए और यह भविष्य के लिए बड़ा सबक है।

मंदिर की क्षमता का सही आकलन करने की सलाह

पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सलाह दी कि मंदिर की सीढ़ियों और परिसर की क्षमता का सही आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने भीड़ के बीच एक पंक्ति खाली रखने की व्यवस्था करने की बात कही, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

Related Articles

Back to top button