
कानपुर में ससुर की बंदिशों से तंग बहू ने रची हत्या की साजिश, 6 लाख में पूर्व कर्मचारी को दी सुपारी; ऐसे हुआ पूरा खुलासा
कानपुर: शहर के इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट में दवा कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को बड़ा खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनकी बहू शालू ने कराई थी। शालू ने अपने पूर्व कर्मचारी को छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश की बात कबूल करते हुए बताया कि वह ससुर की लगातार रोक-टोक और घर के भीतर अपनी निजता खत्म होने से परेशान थी।
रतन ऑर्बिट के फर्स्ट फ्लोर स्थित सी-104 अपार्टमेंट में रहने वाले विनीत मिनोचा का रक्तरंजित शव रविवार तड़के उनके कमरे में मिला था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद विशाल ने मीडिया को बताया कि विनीत की हत्या शालू के कहने पर की गई थी और इसके लिए उसे छह लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इसके बाद सोमवार सुबह पुलिस शालू को घर से पूछताछ के लिए ले गई।
ससुर की रोक-टोक से परेशान थी बहू
पूछताछ के दौरान शालू टूट गई और उसने हत्या कराने की बात स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को बताया कि विनीत ने घर के अंदर दो सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। शालू का कहना था कि अपने ही घर में निगरानी और निजता भंग होने से वह मानसिक रूप से परेशान थी।
उसने बताया कि छोटी-छोटी बातों पर ससुर की रोक-टोक से भी वह परेशान रहती थी। कपड़ों को लेकर ‘यह मत पहनो’ और कहीं जाने पर ‘वहां मत जाओ’ जैसी बातें उसे लगातार परेशान करती थीं। आए दिन होने वाले विवाद और इस तरह की बंदिशों से तंग आकर उसने हत्या की सुपारी देने का फैसला किया।
मुंह दबाकर हत्या का बनाया था प्लान
पुलिस के मुताबिक, शालू और विशाल ने योजना बनाई थी कि विनीत के सोने तक इंतजार किया जाएगा। गहरी नींद में जाने के बाद तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या कर दी जाएगी और सुबह मौत को हार्ट अटैक का रूप देने की कोशिश की जाएगी।
इसी योजना के तहत विशाल और राजकिशोर डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे और शालू के कमरे में छिप गए। रात 10:58 बजे विनीत मिनोचा फ्लैट का ताला खोलकर अंदर आए। उन्होंने पहले खाना खाया और इसके बाद फ्लैट के सभी कमरों की जांच कर उन्हें लॉक करने लगे।
जब वह अपने बेटे सुब्रत के बेडरूम में पहुंचे तो उन्हें कमरे के एक कोने में विशाल और राजकिशोर बैठे दिखाई दिए। विनीत घबरा गए और उन्होंने विशाल से पूछा कि वह वहां क्या कर रहा है। इसके बाद दोनों हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। दोनों विनीत को उनके बेडरूम में ले गए और साथ लाए चाकू से उन पर लगातार वार किए। हमला तब तक जारी रहा, जब तक विनीत के शरीर में कोई हरकत नहीं रह गई।



