एलन मस्क का बड़ा दावा, ‘न्यूज के लिए X नंबर-1’; बोले- दुनिया के सभी अखबारों से ज्यादा है रीडरशिप

नई दिल्ली: एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच X को लेकर बड़ा दावा किया है। मस्क के मुताबिक, X अब दुनिया में खबरों का नंबर-1 स्रोत बन चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हर महीने X को पढ़ने वाले लोगों की संख्या दुनिया के सभी अखबारों की कुल प्रसार संख्या से भी ज्यादा है। मस्क ने X पर एक पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए यह बात कही।
मस्क ने अपनी पोस्ट में कहा कि X धरती पर खबरों का नंबर-1 स्रोत है। इसके साथ उन्होंने प्लेटफॉर्म की मासिक रीडरशिप को दुनिया के सभी अखबारों की कुल प्रसार संख्या से अधिक बताया। मस्क के इस दावे के बाद डिजिटल मंचों और पारंपरिक मीडिया के बीच खबरों की पहुंच को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यूरोप में X की बढ़ती लोकप्रियता का भी दावा
मस्क ने जिस पोस्ट को दोबारा साझा किया, उसमें यूरोप में X के बढ़ते इस्तेमाल का दावा किया गया था। पोस्ट में कहा गया कि यूरोप के लगभग सभी देशों में समाचार ऐप्स के बीच X सबसे ऊपर है। इसमें यह भी दावा किया गया कि यूरोपीय लोग समाचार और सूचनाओं के लिए पहले की तुलना में X का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।
दोबारा साझा की गई पोस्ट में यह भी कहा गया कि यूरोप में लंबे समय तक X की आलोचना होती रही, लेकिन इसके बावजूद मंच खबरों और सूचनाओं के एक बड़े माध्यम के रूप में उभर रहा है। पोस्ट में यूरोपीय उपयोगकर्ताओं के बीच X की बढ़ती लोकप्रियता का दावा किया गया है।
फिलहाल इसे मस्क का दावा ही माना जाएगा
इन दावों के साथ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि X की रीडरशिप और यूरोप में समाचार ऐप के रूप में उसकी रैंकिंग से जुड़े आंकड़े उसी पोस्ट में दिए गए हैं, जिसे मस्क ने साझा किया था। ऐसे में इन आंकड़ों को फिलहाल स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े नहीं माना जा सकता। इन्हें मस्क और संबंधित पोस्ट में किए गए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
न्यूज मंच के तौर पर X को आगे बढ़ाते रहे हैं मस्क
एलन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया मंच के बजाय समाचार, सूचनाओं और विचारों के बड़े माध्यम के रूप में पेश करते रहे हैं। इस मंच पर दुनिया भर के उपयोगकर्ता सीधे अपनी पोस्ट साझा कर सकते हैं। किसी घटना के दौरान खबरों, वीडियो और प्रत्यक्ष जानकारी का तेजी से सामने आना भी X की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
हालांकि खबरों की तेज रफ्तार के साथ X पर गलत या अपुष्ट सूचनाओं के फैलने का जोखिम भी बना रहता है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण खबर या दावे की पुष्टि स्वतंत्र और विश्वसनीय स्रोतों से करना जरूरी है।
मस्क के ताजा दावे ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है कि पारंपरिक अखबारों की तुलना में डिजिटल और सामाजिक मंचों पर खबरों की बढ़ती पहुंच भविष्य में लोगों के समाचार देखने और पढ़ने के तरीके को किस तरह बदल सकती है।



