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तमिलनाडु में CM विजय के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की तैयारी, AIADMK ने DMK को दिया साथ आने का न्योता; बोले- दूसरी पार्टियों का भी स्वागत

चेन्नई: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ विपक्षी दलों के एकजुट होने की तस्वीर बनती नजर आ रही है। अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम ने एमके स्टालिन की डीएमके को भी साथ आने की चुनौती दी है। AIADMK का कहना है कि विजय की तमिलागा वेत्री कझगम के खिलाफ अगर दूसरी पार्टियां भी गठबंधन में शामिल होना चाहती हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा। हालांकि, डीएमके की ओर से इस प्रस्ताव पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है।

मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एडापड्डी के. पलनीस्वामी से जब टीवीके के खिलाफ गठबंधन बनाए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि AIADMK भी टीवीके के खिलाफ है और अगर कोई दूसरी पार्टी साथ आना चाहती है तो उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि मौजूदा गठबंधन अपनी जगह कायम रहेगा और उसमें दूसरी पार्टियां शामिल हो सकती हैं।

AIADMK ने DMK से पूछा- क्या आप साथ आएंगे?

पलनीस्वामी ने इसी दौरान डीएमके को सीधे चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर नई पार्टियां उनके साथ आना चाहती हैं तो आ सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या डीएमके भी उनके साथ आएगी। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में संभावित विपक्षी गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चुनाव के बाद AIADMK के 6 विधायक विजय के साथ गए

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद AIADMK को बड़ा झटका लगा था। पार्टी के 6 विधायक टूटकर विजय के साथ चले गए थे। इसके बाद बचे हुए विधायक भी दो गुटों में बंट गए थे। दूसरी ओर, डीएमके नेता आरएस भारती जून में दोनों दलों के साथ आने की संभावना से इनकार कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि अगर भविष्य में डीएमके और AIADMK साथ आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा।

स्टालिन ने कहा- राजनीतिक वापसी करना जानते हैं

अगस्त में एमके स्टालिन ने कहा था कि डीएमके राजनीतिक वापसी करने में सक्षम है और पार्टी पूरे तमिलनाडु में मतदाताओं का समर्थन दोबारा हासिल करने पर ध्यान देगी। चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए स्टालिन ने विजय पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि विजय विधानसभा को फिल्म का सेट समझते हैं और संवाद बोलते हैं।

स्टालिन ने कहा था कि डीएमके की नींव तत्काल राजनीतिक जीत या हार से कहीं आगे की है। उनके मुताबिक, पार्टी राजनीति में इसलिए नहीं आई क्योंकि वह ऊब गई थी, बल्कि संघर्ष करने के लिए आई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद अगले चुनाव तक सोए रहना दूसरी पार्टियों की आदत हो सकती है, लेकिन डीएमके विपक्ष में रहते हुए भी लोगों के लिए लगातार काम करने के लिए जानी जाती है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क मजबूत करने की अपील करते हुए कहा था कि डीएमके राजनीतिक वापसी करने में माहिर है और वह इसे अच्छी तरह करेगी।

TVK की समन्वय बैठक से वाम दलों ने बनाई दूरी

तमिलागा वेत्री कझगम बुधवार को चेन्नई में अपने सहयोगी दलों के साथ दूसरी समन्वय बैठक करने जा रही है। हालांकि, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

टीवीके मुख्यालय में होने वाली इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन को औपचारिक रूप देना, साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करना, संचालन समिति गठित करना और गठबंधन का आधिकारिक नाम तय करना है। कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और एमडीएमके के बैठक में शामिल होने की संभावना है, जबकि वाम दलों ने इससे दूरी बना ली है।

विजय को पीएम चेहरा बनाने के मुद्दे पर कांग्रेस से मतभेद

वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बनाए जाने की टीवीके नेताओं की मांग को लेकर कांग्रेस के साथ भी मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रमुख चेहरा बता रही है। हालांकि, टीवीके ने ‘विजय फॉर पीएम’ की मांग को नेताओं की व्यक्तिगत राय बताया है।

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