मध्य प्रदेशराज्य

मैं राम मंदिर आंदोलन में शामिल था, रामशिला पूजन में भी दिया था दान; दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का किया ऐलान

भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने इस यात्रा को पूरी तरह गैर राजनीतिक बताया है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक यात्रा की शुरुआत दशहरे के दिन 20 अक्टूबर से होगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं और रामशिला पूजन अभियान में दान भी दिया था।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में दिग्विजय सिंह ने यात्रा की घोषणा की। उन्होंने ‘जय सिया राम’ के साथ अपनी बात शुरू करते हुए भगवान राम को आस्था का केंद्र बताया। इसी दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े आंदोलन में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया।

रामशिला पूजन में शामिल होने का किया दावा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्ष 1988-89 के दौरान विश्व हिंदू परिषद ने रामशिला पूजन अभियान शुरू किया था। उन्होंने कहा कि वैचारिक तौर पर वह विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरोधी रहे हैं, लेकिन भगवान श्रीराम से जुड़े विषय के कारण वह भी इस अभियान का हिस्सा बने थे। उन्होंने दावा किया कि रामशिला पूजन में उन्होंने दान भी दिया था।

चढ़ावे के दुरुपयोग पर जताई नाराजगी

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, संघ और भाजपा पर चंदे के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आस्था से जुड़े चढ़ावे के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने से वह बेहद दुखी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे के पैसों का इस्तेमाल गाड़ियां खरीदने और मकान बनाने में किया गया तथा सैकड़ों करोड़ रुपये का घपला हुआ। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिन लोगों से वह मिलते हैं, वे भी उनकी इस बात से सहमत होते हैं।

‘किसी के विरोध में नहीं है यात्रा’

दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि उनकी प्रस्तावित यात्रा किसी के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि वह यात्रा के जरिए उन लोगों के सामने आईना रखना चाहते हैं, जिन पर उन्होंने आस्था के नाम पर चढ़ावे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इसी वजह से उन्होंने उज्जैन से अयोध्या तक सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने का फैसला किया है।

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