बिहारराज्य

85 करोड़ के बैंक लोन में 58 करोड़ की कथित हेराफेरी, रामनंदी होटल्स के 17 ठिकानों पर ईडी का छापा; सीबीआई भी कर रही जांच

पटना : प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के मामले में रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड के 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुक्रवार को हुई कार्रवाई बिहार के गया जी और बोधगया के अलावा नई दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनी से जुड़े ठिकानों पर की गई। कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश पर कथित धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोप हैं।

कंपनी से जुड़े करीब 85 करोड़ रुपये के बैंक ऋण में कथित हेराफेरी की जांच सीबीआई पहले से कर रही है। जांच में इस अपराध से हुई कथित कमाई 131.79 करोड़ रुपये बताई गई है। धन शोधन की आशंका के चलते अब ईडी ने भी मामले में कार्रवाई शुरू की है।

58 करोड़ रुपये के ऋण में कथित हेराफेरी

ईडी सूत्रों के मुताबिक, रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड मूल रूप से बिहार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के निदेशक गया जी के चांदचौरा निवासी अखौरी गोपाल पहले रामनंदी ऑटोमोबाइल के नाम से कारोबार करते थे।

आरोप है कि कंपनी ने बैंकों के कंसोर्टियम से करीब 85 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इसमें लगभग 58 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी और राशि को दूसरी जगह इस्तेमाल करने का आरोप है।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेने का आरोप

जांच के दौरान ईडी को कथित तौर पर फर्जी और जाली दस्तावेज मिले हैं। आरोप है कि कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से परियोजना पूरी होने की गलत रिपोर्ट दी गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर बैंक से ऋण की राशि हासिल की गई।

इसके बाद ऋण के बदले कई संपत्तियों को गिरवी रखा गया। इनमें पांच संपत्तियां टाटा मोटर्स के पक्ष में बंधक बताई गई हैं। बाद में इन संपत्तियों को बेच दिया गया। जांच एजेंसी को इन संपत्तियों की बिक्री में भी अनियमितता की आशंका है।

कम कीमत दिखाकर संपत्ति बेचने की आशंका

ईडी को संदेह है कि कुछ संपत्तियों की वास्तविक कीमत से कम मूल्य दिखाया गया। आरोप है कि लेनदेन की रकम का एक हिस्सा नकद प्राप्ति के रूप में दर्शाया गया। इन संपत्तियों के कुछ खरीदार भी जांच के दायरे में हैं।

एजेंसी को आशंका है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदने वाले कुछ लोगों की आर्थिक क्षमता इतनी नहीं थी कि वे इन सौदों को अंजाम दे सकें। ऐसे में उनके बेनामी या प्रॉक्सी खरीदार होने की भी जांच की जा रही है।

अखौरी गोपाल और बेटों की व्यक्तिगत गारंटी

ईडी की जांच में सामने आया है कि रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास था। बैंक से लिए गए ऋण के लिए अखौरी गोपाल और परिवार के सदस्यों ने व्यक्तिगत गारंटी भी दी थी।

ईडी की टीम ने शुक्रवार तड़के गया जी के चांदचौरा स्थित अखौरी गोपाल के ठिकाने और बोधगया के अमर बिगहा गांव में उनके करीबी रहे मिथिलेश राय के आवास पर तलाशी शुरू की। एजेंसी बिहार समेत देशभर में हुई कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों की विस्तृत जांच करेगी।

गया में करीब 15 घंटे चली ईडी की तलाशी

गया जी और बोधगया में ईडी की टीम ने तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। यह कार्रवाई करीब 15 घंटे तक चली। इस दौरान गया जी शहर के कालीबाड़ी स्थित न्यू कॉलोनी में अरविंद कुमार के घर में रह रहे किरायेदार, बाला जी नगर और बोधगया के अमर बिगहा स्थित मिथिलेश राय के घर की जांच की गई।

तलाशी के दौरान टीम ने दस्तावेज, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। तलाशी पूरी होने के बाद अधिकारी जरूरी दस्तावेज और अन्य कागजात अपने साथ ले गए। ईडी ने छापेमारी और बरामदगी से जुड़ी जानकारी देने से इनकार किया है।

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