बिहार में UCC पर घमासान के बीच जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, तीन तलाक और धारा 370 पर भी साफ किया रुख

पटना: बिहार में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सियासी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने इसे लागू किए जाने के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बाबा साहेब का संविधान देश की धर्मनिरपेक्षता की नीति पर आधारित है और नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। मांझी ने UCC के अनुपालन को लेकर किसी तरह के दांव-पेच को अपनी समझ में गैर-संवैधानिक बताया।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि 2029 से पहले भाजपा शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद बिहार में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। जदयू विधायक श्याम रजक ने कहा था कि बिहार में UCC को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने बाद में कहा कि UCC के प्रावधानों पर विमर्श के बाद पार्टी कोई फैसला लेगी।
अब जीतन राम मांझी ने अपने बयान के जरिए UCC पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने तीन तलाक और धारा 370 का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार हर संवैधानिक व्यवस्था को लागू करने के पक्ष में है।
‘बराबरी का अधिकार मतलब UCC’, मांझी ने क्या कहा
जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा कि संविधान धर्मनिरपेक्षता और समानता के अधिकार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि UCC को लागू करने के फैसले पर किसी तरह के दांव-पेच की बात करना उनकी समझ में गैर-संवैधानिक है।
मांझी ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार किसी का चेहरा देखकर या किसी खास को खुश करने के लिए काम नहीं करेगी। उन्होंने लिखा कि सरकार राष्ट्रहित में फैसले ले रही है और उनके लिए देश सर्वोपरि है।
तीन तलाक और धारा 370 का भी जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार संवैधानिक व्यवस्थाओं को लागू करने के पक्ष में है, चाहे मामला तीन तलाक का हो या धारा 370 का। उन्होंने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट का भी जिक्र किया और दावा किया कि अदालत ने समय-समय पर UCC के अनुपालन को लेकर सरकारों को निर्देश दिए थे।
मांझी ने अपने पोस्ट के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद भी किया।
UCC पर जदयू ने अभी नहीं खोले पत्ते
अमित शाह के बयान के बाद जदयू की ओर से UCC पर तत्काल कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया गया है। विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि पार्टी UCC के प्रावधानों को देखने और उन पर विमर्श के बाद अपना रुख तय करेगी। वहीं श्याम रजक की ओर से बिहार में UCC लागू नहीं होने देने की बात कही गई थी।
इस तरह बिहार में UCC को लेकर एनडीए के घटक दलों के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
तेजस्वी यादव ने जदयू पर लगाए आरोप
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी UCC के मुद्दे पर जदयू को घेरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने से बच रही है और भाजपा के इशारे पर काम कर रही है।
तेजस्वी यादव ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जदयू ऐसे कानून का विरोध करती रही है और UCC के खिलाफ हर स्तर पर विरोध जारी रखेगी।



