
चित्रकूट में बीच रास्ते बंद हुई 108 एंबुलेंस, सांसों के लिए जूझते नवजात को सिपाही ने बाइक से पहुंचाया अस्पताल; ऐसे बची मासूम की जान
चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में देर रात एक गंभीर नवजात को जिला अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस अस्पताल पहुंचने से कुछ ही पहले अचानक बंद हो गई। उस समय नवजात की हालत बेहद गंभीर थी और उसकी सांसें अटक रही थीं। एंबुलेंस को मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने काफी देर तक धक्का देकर चालू करने की कोशिश की, लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हो सका।
एंबुलेंस बंद हुई तो धक्का लगाते रहे पुलिसकर्मी और राहगीर
मिली जानकारी के मुताबिक, नवजात को मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। बुधवार देर रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल के करीब एलआईसी चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि 108 एंबुलेंस का इंजन जवाब दे गया।
नवजात की हालत लगातार बिगड़ रही थी। मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों और राहगीरों ने एंबुलेंस को धक्का लगाकर दोबारा चालू करने का प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई।
ट्रैफिक सिपाही अजय यादव ने बाइक से पहुंचाया अस्पताल
बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस के सिपाही अजय यादव ने बिना समय गंवाए पहल की। उन्होंने नवजात और उसके परिजनों को अपनी बाइक पर बैठाया और तुरंत जिला अस्पताल की ओर रवाना हो गए।
समय रहते नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया। समय पर उपचार मिलने से मासूम की जान बच सकी।
एंबुलेंस धक्का देने का वीडियो वायरल, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
घटना के दौरान बीच सड़क पर बंद पड़ी एंबुलेंस को पुलिसकर्मियों और राहगीरों द्वारा धक्का लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा और 108 एंबुलेंस की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. एम.के. जकार्ता ने 108/102 सेवा के जिला प्रभारी को तलब किया। उन्होंने जिले में संचालित सभी एंबुलेंसों की फिटनेस और उनकी मौजूदा स्थिति की जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।



