पर्यटन

डेटिंग ऐप नहीं, यहां लगता है शादी का बाजार! माता-पिता घूम-घूमकर बच्चों के लिए तलाशते हैं परफेक्ट जीवनसाथी

शंघाई के पीपुल्स पार्क में हर हफ्ते लगता है अनोखा मैरिज मार्केट, प्रोफाइल देखकर माता-पिता खुद शुरू करते हैं रिश्ते की बातचीत

नई दिल्ली: आज के दौर में जीवनसाथी तलाशने के लिए लोग डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन चीन में एक ऐसी अनोखी जगह है जहां शादी के लिए बाकायदा बाजार लगता है। यहां माता-पिता अपने बच्चों के लिए परफेक्ट पार्टनर की तलाश में पहुंचते हैं और संभावित रिश्तों की जानकारी जुटाते हैं।

शंघाई में लगता है अनोखा मैरिज मार्केट

चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई में व्यापार के अलावा एक खास वजह से भी चर्चा होती है। शहर के बीचों-बीच स्थित पीपुल्स पार्क में हर हफ्ते मैरिज मार्केट लगता है। स्थानीय लोग इसे इसी नाम से जानते हैं।

इस बाजार में माता-पिता अपने बच्चों की तस्वीर के साथ उनकी उम्र, लंबाई, संपत्ति और वेतन जैसी जानकारी लेकर पहुंचते हैं। कोई इन जानकारियों को शीट पर चिपकाता है, तो कोई छतरी पर टांग देता है। कुछ लोग कागज पर पूरी जानकारी लिखकर जमीन पर भी सजा देते हैं।

इसका मकसद अपने बच्चों के लिए ऐसा जीवनसाथी तलाशना होता है, जो उनके परिवार की उम्मीदों और जरूरतों के मुताबिक हो।

बाजार में घूमकर खुद तलाशते हैं रिश्ता

प्रोफाइल लगाने के बाद माता-पिता का काम खत्म नहीं होता। वे पूरे बाजार में घूमते हैं और दूसरे परिवारों की ओर से लगाई गई प्रोफाइल देखते हैं।

अगर किसी परिवार को कोई प्रोफाइल पसंद आती है तो वे वहीं बातचीत शुरू कर देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को शिक्षा और कौशल के आधार पर नौकरी तलाशने जैसी प्रक्रिया से भी जोड़ा गया है, जहां लोग अपनी जरूरत के मुताबिक विकल्प देखते हैं।

1996 से चली आ रही है यह परंपरा

शादी के लिए सही जीवनसाथी तलाशने की यह परंपरा करीब 30 साल पुरानी बताई जाती है। यानी शंघाई का यह मैरिज मार्केट साल 1996 से चला आ रहा है।

यह बाजार दिखाता है कि आधुनिकता और विकास के बावजूद चीन में शादी से जुड़ी कुछ पारंपरिक व्यवस्थाएं अब भी कायम हैं। इनमें बच्चों के जीवनसाथी को लेकर माता-पिता की भूमिका भी शामिल है।

युवाओं के लिए शादी से ज्यादा करियर प्राथमिकता

चीन में युवा वर्ग शादी को अब ऐसी अनिवार्यता के तौर पर नहीं देख रहा, जिसे हर हाल में करना जरूरी हो। उनके लिए करियर प्राथमिकता बन चुका है और शादी एक विकल्प के तौर पर देखी जा रही है।

वहीं, चीन की वन चाइल्ड पॉलिसी के बाद आबादी के स्वरूप में असंतुलन भी पैदा हुआ। ऐसे में शंघाई का यह मैरिज मार्केट उन परिवारों के लिए उम्मीद का एक जरिया बना हुआ है, जो अपने बच्चों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं।

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