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मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

मुंबई: शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे पिल्लई ने शाम करीब 5 बजे सीने में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद मौके पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, पिल्लई ठाणे के दोस्ती वेस्ट काउंटी की बी विंग में रहते थे। वह शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शिवाजी पार्क पहुंचे थे। करीब आधे घंटे बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

शिवाजी पार्क में यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई। प्रदर्शन का मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता से जुड़ा था।

प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ। शुरुआत में ही बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क के आसपास जुट गए। प्रदर्शन में युवा, कार्यकर्ता और विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हुए।

तिरंगे और बैनर के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा, पोस्टर, व्यंग्यात्मक मीम और बड़े-बड़े बैनर थे। इन पर लोकतंत्र बचाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से जुड़े संदेश लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान ‘गो ज्ञानु, गो’ जैसे नारे भी लगाए गए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उनका दावा था कि इससे लाखों नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

एसआईआर रोकने और पुरानी मतदाता सूची से चुनाव की मांग

सीजेपी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग भी की गई। संगठन ने एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रोकने, 2025 की विवादित मतदाता सूची को फ्रीज करने और पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग रखी।

इसके अलावा संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में नागरिक समाज की भागीदारी बढ़ाने और इसमें बदलाव की मांग भी की। संगठन की ओर से चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।

प्रदर्शन के दौरान बिगड़ी बुजुर्ग की तबीयत

पिल्लई की मौत उस समय हुई, जब शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। पुलिस के अनुसार, सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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