चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ प्रदेश की विरासत भी संरक्षित रहे और राज्य की आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ नई ऊंचाई दी जाए। उन्होंने कहा कि आदर्श चंपावत के संकल्प के तहत जिले की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को आधुनिक विकास से जोड़कर प्रभावी विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया।
धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन अपने आप में दिव्य अवसर है। जहां श्रद्धा और आस्था के साथ भागवत कथा होती है, वहां भगवान की कृपा बनी रहती है। मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकास के साथ धार्मिक स्थलों, मंदिरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
237.74 करोड़ की लागत से बन रहा आईएसबीटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत का संकल्प सिर्फ विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि चंपावत की पहचान और संभावनाओं को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण कराया जा रहा है।
इसके अलावा शारदा घाट का पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य जिले के विकास को नई गति देने वाले हैं।
पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है।
सरकार का प्रयास है कि मां पूर्णागिरि धाम के साथ जिले के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार के अवसरों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ चंपावत में सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

खिलाड़ियों से मिले सीएम धामी, ‘मुख्य सेवक संवाद’ में आमजन से की बात
मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर पहुंचकर वहां रह रहे खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आमजन से सीधे संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। चंपावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन क्षमता को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए ऐसा विकास सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसमें विकास की गति के साथ विरासत की गरिमा भी बनी रहे।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, दायित्वधारी मनोज कालाकोटी, दायित्वधारी हेमा जोशी, दायित्वधारी किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, जिला अध्यक्ष महिला युवा मोर्चा दीपा जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, प्रदेश मंत्री भाजपा निर्मल माहरा, अध्यक्ष नगर मंडल चंपावत सुनील पुनेठा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।




