मुंबई में सार्वजनिक जगहों पर पटाखे फोड़ने पर लगी रोक, 4 दिसंबर तक लागू रहेगा आदेश; लेजर और सर्चलाइट पर भी पाबंदी

मुंबई: मुंबई पुलिस ने शहर की सार्वजनिक सड़कों, गलियों और मुख्य मार्गों पर पटाखे, रॉकेट और अन्य आतिशबाजी करने पर रोक लगा दी है। यह आदेश 6 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से 4 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर हाई-इंटेंसिटी लेजर, ल्यूमेन लाइट और सर्चलाइट बीम के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के 22 सितंबर 2026 के निर्देशों के बाद की गई है।
पुलिस के मुताबिक, आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानून, विस्फोटक कानून, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को पर्यावरण से जुड़े एक जनहित याचिका मामले की सुनवाई के दौरान स्थानीय अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
प्रदूषण और सुरक्षा को देखते हुए फैसला
हाईकोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य हवा और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना है। इसके साथ ही सड़कों पर पटाखे फोड़ने और तेज रोशनी वाले उपकरणों के इस्तेमाल से पैदा होने वाले संभावित खतरों को रोकना भी इसका मकसद है। अदालत ने स्थानीय अधिकारियों से सड़कों पर पटाखे जलाने पर रोक लगाने और तेज रोशनी वाले प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने को कहा था, क्योंकि इससे लोगों के लिए खतरा पैदा होने के साथ प्रदूषण भी बढ़ सकता है।
सार्वजनिक सड़कों और गलियों में आतिशबाजी पर पाबंदी
मुंबई पुलिस के आदेश के अनुसार, बृहन्मुंबई पुलिस कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सार्वजनिक सड़कों, गलियों और मुख्य मार्गों पर पटाखे, रॉकेट और अन्य आतिशबाजी नहीं की जा सकेगी। यह प्रतिबंध खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर आतिशबाजी से होने वाली परेशानी, ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी जोखिम को देखते हुए लगाया गया है।
इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर लेजर लाइट, हाई-इंटेंसिटी ल्यूमेन लाइट और सर्चलाइट बीम के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश तोड़ने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
उल्लंघन की स्थिति में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।



