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हिसार में रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, सभी बसें ठप; दो दिन में 50 लाख तक नुकसान का दावा

हिसार। हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विवाद बढ़ गया है। सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने 31 अक्टूबर को हड़ताल करते हुए डिपो की सभी बसों का चक्का जाम कर दिया। अपनी मांगों को लेकर पिछले 40 दिनों से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों ने रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। कर्मचारियों का दावा है कि इस आंदोलन के चलते हिसार डिपो को दो दिनों में 20 से 50 लाख रुपये तक का नुकसान हो रहा है।

लंबित मांगों को लेकर 40 दिनों से चल रहा संघर्ष

कर्मचारियों ने हिसार डिपो के महाप्रबंधक की कथित कर्मचारी विरोधी कार्यशैली और तानाशाहीपूर्ण रवैये पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से वित्तीय भत्तों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर 30 अक्टूबर को हुई गेट मीटिंग में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि 30 अक्टूबर की रात से डिपो में रात्रि ठहराव बंद कर दिया जाएगा और 31 अक्टूबर को सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों ने अब इस फैसले को लागू कर दिया है।

रात्रि भत्ता, टीए और ओवरटाइम का भुगतान नहीं होने से नाराजगी

कर्मचारी नेता अजय दुहन ने बताया कि कर्मचारियों का रात्रि भत्ता लंबे समय से बकाया है। इसके अलावा यात्रा भत्ता (टीए), ओवरटाइम और अन्य वित्तीय देयकों का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है।

कर्मचारियों का आरोप है कि वे कई बार अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में महाप्रबंधक के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सांझा संघर्ष समिति बोली- अपने हक के लिए आंदोलन को मजबूर कर्मचारी

सांझा संघर्ष समिति का कहना है कि कर्मचारियों को अपने जायज वित्तीय अधिकार हासिल करने के लिए बार-बार आंदोलन करना पड़ रहा है। समिति के मुताबिक, यदि लंबित भत्तों का भुगतान समय पर कर दिया जाता और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाता तो हड़ताल की नौबत नहीं आती।

समिति ने 31 अक्टूबर की हड़ताल को कर्मचारियों के वित्तीय अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई बताया है। कर्मचारियों ने एकजुट होकर मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया है।

दो दिनों में 20 से 50 लाख रुपये नुकसान का दावा

कर्मचारियों ने दावा किया है कि हड़ताल और बसों का संचालन प्रभावित होने से हिसार डिपो को दो दिनों में करीब 20 से 50 लाख रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस नुकसान के लिए रोडवेज प्रशासन और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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