
नई दिल्ली: वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर अब केवल सांस से जुड़ी बीमारियों तक सीमित नहीं रह गया है। जहरीली हवा शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाने के साथ कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा भी बढ़ा सकती है। एम्स के डॉक्टर पीयूष रंजन ने इसको लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि वायु प्रदूषण और कैंसर के बीच संबंध को साबित करने वाले कई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। इसके अलावा प्रदूषित हवा हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है। दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सिर्फ फेफड़ों ही नहीं, दिल और दिमाग पर भी पड़ता है असर
एम्स के मेडिसिन विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पीयूष रंजन के मुताबिक, वायु प्रदूषण को केवल सांस संबंधी बीमारियों का कारण मानना सही नहीं है। इसका असर शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। प्रदूषित हवा का संबंध हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और कोरोनरी आर्टरी से जुड़ी बीमारियों के अलावा गठिया जैसी समस्याओं से भी है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक शोधों में वायु प्रदूषण और कई तरह के कैंसर के बीच संबंध के प्रमाण मिले हैं। ऐसे में इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों को गंभीरता से समझने की जरूरत है।
डीएनए को नुकसान पहुंचाकर बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वायु प्रदूषण शरीर में कई ऐसी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है, जो कैंसर के विकास की वजह बन सकती हैं। प्रदूषण में मौजूद हानिकारक तत्व शरीर के डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। डीएनए में होने वाली इस तरह की क्षति कैंसर कोशिकाओं के बनने का कारण बन सकती है। इसके अलावा जहरीली हवा शरीर में सूजन यानी इन्फ्लेमेशन बढ़ाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर कर सकती है। इससे शरीर की कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर नष्ट करने की क्षमता प्रभावित होती है और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को बना रहा जहरीला
वायु प्रदूषण का दुष्प्रभाव केवल फेफड़ों, दिल और दिमाग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ सकता है। दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है। गाड़ियों से निकलने वाले पीएम 2.5 कण, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे हानिकारक प्रदूषक हवा को जहरीला बना रहे हैं। लगातार इनके संपर्क में रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।



