आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर! 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 18 उड़ानें रद्द, अगले 12 घंटे भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान के कुछ ही दिनों बाद एक और चक्रवाती तूफान मुरासु ने तटीय इलाकों में दस्तक दे दी है। मंगलवार तड़के करीब एक बजे तूफान के समुद्र तट से टकराने यानी लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तूफान के चलते अब तक 18 उड़ानें भी रद्द की जा चुकी हैं।
110 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही हवाएं, 120 तक पहुंचने का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात मुरासु का असर तेज हो गया है। यहां हवाएं करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिनके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। मंगलवार रात 1:30 बजे तक तूफान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में केंद्रित था। उस समय इसका केंद्र ओंगोल से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
अगले 12 घंटे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के लिए भारी
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों में दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा मंगलवार सुबह तक समुद्र में सामान्य से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। समुद्र में उफान के कारण तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा होने का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार, बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में तूफान का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।
पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी तेज बारिश, कई पेड़ उखड़े
चक्रवात मुरासु का असर आंध्र प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है, जबकि तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी वर्षा का सिलसिला जारी है। आंध्र प्रदेश के चिराला इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिसके चलते कई पेड़ उखड़ गए। तूफान के प्रभाव से इन क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
विजयवाड़ा से जुड़ी 18 उड़ानें रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
चक्रवात के कारण हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। 3 नवंबर 2026 को विजयवाड़ा से जुड़ी इंडिगो की आठ उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इससे पहले भी 10 उड़ानें रद्द की जा चुकी थीं। इस तरह अब तक कुल 18 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। अचानक उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
चक्रवात अर्नब से कमजोर, फिर भी कई राज्यों में असर
मौसम संबंधी जानकारी के मुताबिक, चक्रवात मुरासु पिछले सप्ताह आए चक्रवात अर्नब की तुलना में कमजोर है। इसके बावजूद इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा तक देखने को मिल सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग की चेतावनी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



