उत्तर प्रदेशराज्य

प्रयागराज के रंगमंच से FTII तक प्रत्यूष वर्सने का सफर, देश के प्रतिष्ठित स्क्रीन एक्टिंग कोर्स में हुआ चयन !

रंगमंच के एक दशक लंबे अनुभव के साथ अब बड़े पर्दे की अभिनय यात्रा को देंगे नया आयाम

प्रयागराज। प्रयागराज के युवा रंगकर्मी एवं अभिनेता प्रत्यूष वर्सने का चयन देश के प्रतिष्ठित फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे के स्क्रीन एक्टिंग कोर्स में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि को प्रयागराज के कला एवं रंगमंच जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

वर्ष 2016 से रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय प्रत्यूष ने अपनी कलात्मक यात्रा के दौरान 40 से अधिक मंचीय नाटकों और 125 से अधिक नुक्कड़ नाटकों में अभिनय किया है। रंगमंच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें अभिनय की विभिन्न शैलियों और विधाओं से परिचित कराया है। अभिनय के साथ-साथ वे निर्देशन और माइम के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं।

प्रत्यूष ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से फिल्म एवं थिएटर में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे में फिल्म एप्रिसिएशन एवं स्क्रीन एक्टिंग का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त वे नई दिल्ली के अस्मिता थिएटर ग्रुप और कोलकाता के नेशनल माइम इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षित हैं। उन्होंने पद्मश्री से सम्मानित निरंजन गोस्वामी से माइम का प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा इटली के थिएटर निर्देशक अनिल अलेस्सांद्रो के साथ भी अभिनय की बारीकियों पर काम किया है।

कला के क्षेत्र में उनके योगदान और प्रतिभा को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की यंग आर्टिस्ट स्कॉलरशिप के माध्यम से भी मान्यता मिल चुकी है। वे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के भारत रंग महोत्सव सहित विभिन्न प्रतिष्ठित रंगमंच समारोहों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने टेलीविजन और डिजिटल माध्यमों पर भी अभिनय किया है।

प्रयागराज की समृद्ध रंगमंचीय परंपरा से जुड़े प्रत्यूष का FTII के स्क्रीन एक्टिंग कोर्स में चयन रंगमंच से सिनेमा की ओर उनके सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस उपलब्धि के साथ वे अब कैमरे के सामने अभिनय की बारीकियों, तकनीक और अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को और विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। प्रत्यूष की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि प्रयागराज की सांस्कृतिक और रंगमंचीय प्रतिभा की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति को भी रेखांकित करती है।

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