
पानीपत: हरियाणा के पानीपत में एक कथित वित्तीय कंपनी पर एफडी और आरडी के नाम पर लोगों से लाखों रुपये जमा कराने के बाद भुगतान नहीं करने का आरोप लगा है। पीड़ितों का दावा है कि मैच्योरिटी पूरी होने के बावजूद उन्हें उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल रही है। मामले से जुड़े करीब 300 लोग अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
पीड़ितों के अनुसार, ट्राईरिम बैंक के नाम से संचालित संस्था में उन्होंने वर्षों की मेहनत की कमाई भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमा कराई थी। आरोप है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद जब लोग अपनी राशि लेने पहुंचे तो कंपनी ने भुगतान करने से इनकार कर दिया।
मजदूर और मध्यम वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित
पीड़ितों का कहना है कि कंपनी में सबसे अधिक पैसा मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों का फंसा हुआ है। किसी ने मजदूरी कर बचत की रकम जमा की तो किसी ने परिवार की जरूरतों और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एफडी और आरडी कराई थी। अब रकम वापस नहीं मिलने से कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
दफ्तर के चक्कर, एजेंटों ने भी बंद किए फोन उठाना
लोगों का आरोप है कि वे कई दिनों से कंपनी और उसके कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कंपनी से जुड़े एजेंटों ने फोन उठाना तक बंद कर दिया है। प्रभावित लोगों के मुताबिक शहर के करीब 300 निवेशकों की जमा पूंजी फंसी हुई है।
बच्चों की शादी और जरूरी काम प्रभावित
पीड़ितों ने बताया कि कई परिवारों के बच्चों की शादी निकट है, लेकिन अपनी ही जमा पूंजी नहीं मिलने से वे गंभीर आर्थिक परेशानी में हैं। उनका आरोप है कि कंपनी की ओर से केवल यह कहा जा रहा है कि सभी लोगों का पैसा “थोड़ा-थोड़ा करके” लौटाया जाएगा।
एसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मामले से परेशान लोगों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी और निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़ितों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी जमा राशि जल्द वापस दिलाने की अपील की है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।



