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CG में थमी बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता: खेतों में पड़ी दरारें, धान की रोपाई और खरीफ की खेती पर पड़ा असर

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण खेती-किसानी प्रभावित होने लगी है। लगातार धूप निकलने से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है और कई स्थानों पर जमीन में दरारें पड़ने लगी हैं। पानी की कमी के चलते धान की रोपाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

बारिश थमने के कारण किसान अब दोबारा अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि समय रहते खेती का काम पूरा किया जा सके। नमी की कमी के चलते रोपाई का कार्य निर्धारित समय से पीछे होने की आशंका भी जताई जा रही है।

खरीफ बोवनी का लक्ष्य बढ़ा, 80 फीसदी से अधिक काम पूरा

इस वर्ष राजनांदगांव जिले में खरीफ फसलों की बोवनी का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में 300 हेक्टेयर अधिक रखा गया है। जिले में 1 लाख 89 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोवनी की जा रही है, जबकि धान की बोवनी का क्षेत्रफल 1 लाख 69 हजार हेक्टेयर से अधिक है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक 80 प्रतिशत से अधिक बोवनी का कार्य पूरा किया जा चुका है। हालांकि, धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं होने से कई किसानों को खेतों में काम रोकना पड़ रहा है।

बारिश रुकने से खेतों की नमी हुई खत्म

धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त पानी और नमी आवश्यक होती है, लेकिन लगातार बारिश नहीं होने और तेज धूप के कारण खेत तेजी से सूखने लगे हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में जिले में रिकॉर्ड 1800 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन इसके बाद बारिश पूरी तरह थम गई है। ऐसे में रोपाई के लिए तैयार किसान अब दोबारा बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं।

सूखने लगी बोई गई फसल, बढ़ी किसानों की चिंता

जिले में एक सप्ताह से बारिश नहीं होने का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। जिला मुख्यालय से लगे मोहरा, सिंदई और आसपास के क्षेत्रों में खेतों की नमी लगभग खत्म हो चुकी है। कई जगहों पर पानी नहीं होने के कारण पहले से बोई गई फसल भी सूखने लगी है। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है और वे जल्द अच्छी बारिश होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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