मोहन सरकार का बड़ा फैसला: लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद संभाली जिम्मेदारी

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पशुपालन मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह विभाग अपने पास रखने का निर्णय लिया है। वहीं, लखन पटेल को अब केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में गजट अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
सरकार की ओर से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें तेज हो गई हैं।
विभाग वापस लेने पर क्या बोले लखन पटेल
विभाग में बदलाव के बाद मंत्री लखन पटेल ने कहा कि विभाग देना और वापस लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि उनसे पशुपालन विभाग क्यों वापस लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने यह विभाग अपने पास रखा है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल या विभागों के प्रभार में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
कौन हैं लखन पटेल
लखन पटेल मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में पहली बार दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर पुष्पेंद्र सिंह हजारी को 7,315 वोटों से हराया था। लखन पटेल को 60,083 वोट मिले थे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 52,768 वोट प्राप्त हुए थे।
सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में बनाई पहचान
राजनीति में सक्रिय होने से पहले लखन पटेल ने बैंकिंग क्षेत्र में लंबा कार्यकाल बिताया। उन्होंने जबलपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से वर्ष 1978-79 में कृषि विषय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में कई वर्षों तक सेवाएं दीं। बाद में बैंक की नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आए। राजनीतिक जीवन के दौरान वे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
2018 में मिली हार, 2023 में की दमदार वापसी
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में लखन पटेल को बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार रामबाई गोविंद सिंह से 2,205 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 37,062 वोट मिले थे, जबकि रामबाई गोविंद सिंह को 39,267 वोट प्राप्त हुए थे।
इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पथरिया सीट से दोबारा जीत दर्ज की। इस बार उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राव ब्रजेंद्र सिंह को 18,159 वोटों के अंतर से हराया। लखन पटेल को 82,603 वोट मिले, जबकि राव ब्रजेंद्र सिंह को 64,444 वोट प्राप्त हुए। दूसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया था।
फिलहाल आनंद विभाग की जिम्मेदारी
ताजा गजट अधिसूचना के अनुसार अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग रहेगा, जबकि पशुपालन विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं संभालेंगे। सरकार की ओर से इस बदलाव के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।



